फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Women's Hospital "sick" is

महिला अस्पताल ‘बीमार’ है

Fri, 13 Jan 2017 10:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Fri, 13 Jan 2017 10:08 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
 महिला अस्पताल की व्यवस्थाएं फिर से पटरी से उतरती नजर आ रही हैं। पहले से ही डाक्टरों की कमी से जूझ रहे अस्पताल की सीएमएस सात दिन के अवकाश पर चलीं गई है। अब अस्पताल केवल दो डाक्टरों के भरोसे रह गया है। शुक्रवार को अस्पताल में की ओपीडी में एक ही महिला चिकित्सक होने से गर्भवती महिलाओं को अपनी बारी के लिए 2 से 3 घंटे का इंतजार करना पड़ा।
शुक्रवार से महिला अस्पताल की प्रमुख डाक्टर भवानी पाल सात दिन के अवकाश पर चलीं गई है। उनके जाने के बाद अस्पताल में केवल दो डाक्टर बाल रोग विशेषज्ञ डा. मीता श्रीवास्तव और स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अल्पना खरे ही रह गई हैं। इससे अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच और 10 से 12 डिलीवरी करवाना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को अस्पताल में मात्र एक ओपीडी चलने से परामर्श एवं इलाज को पहुंची गर्भवतियों को लम्बा इंतजार करना पड़ा। सुबह 10 बजे तक पहुंची गर्भवती महिलाओं को अपनी बारी का इंतजार करना मुश्किल हो गया।  
विज्ञापन


बोलीं गर्भवती महिलाएं
श्यामपुर कांगड़ी से पहुंची सुनीता देवी ने बताया कि वो सुबह 10 बजे अस्पताल में पहुंच गई थी। 12 बजे तक नंबर नहीं आया। ज्वालापुर निवासी रश्मि ने बताया कि उसे लाइन में लगे दो घंटे हो गए। गेट पर लौटती मिले महिला के पति सुनील अरोड़ा ने बताया कि घंटे भर इंतजार करने के बाद भी नंबर नहीं आया और अभी भी घंटेेे भर तक उम्मीद नहीं। इससे तो वे किसी निजी अस्पताल में जांच करा लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं मिले अस्पताल को डाक्टर
शासन से महिला अस्पताल में पिछले तीन महीने पहले दो डाक्टर भेजने को आदेश जारी हुए थे। जिसमें एक डाक्टर देहरादून से और दूसरे जिला अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ डा. संदीप निगम को भेजने के निर्देश हुए थे। लेकिन जिला अस्पताल में डा. निगम के स्थान पर भेजे गए डाक्टर देहरादून से नहीं आए तो उन्हें रिलीव नहीं किया गया।


शासन की ओर से डाक्टरों के तबादले का पालन सही तरीके से न होने पर यह अव्यवस्था हो रही है। तबादला प्रक्रिया में कुछ बदलाव होने की जरूरत है। महिला अस्पताल में उपयुक्त डाक्टर उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक बैठक में बात उठाई जाती है और उच्च अधिकारियों के द्वारा आश्वासन मिलता है। अब फिर से महिला अस्पताल की समस्या के बारे में शासन को अवगत कराते हुए लिखित में भेजकर डाक्टर नियुक्त करने की मांग उठाई जाएगी।
डा. बीएस जंगपांगी, सीएमओ, हरिद्वार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed