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कहां लगाएं फोन, नहीं है हरिद्वार में कंट्रोल रूम
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भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती और ब्रेकडाउन से जनता बेहाल है। फाल्ट या फिर बिजली से संबंधित किसी भी शिकायत दर्ज कराने के लिए शहर में कोई कंट्रोल रूम ही नहीं है। टोल फ्री नंबर पर शिकायत ऊर्जा भवन देहरादून पहुंचती है। जहां से संबंधित जिले या डिविजन अधिकारी के पास शिकायत भेजने के बाद समाधान होता है। स्थानीय स्तर पर कोई ऐसी व्यवस्था न होने से लोग शिकायत को लेकर बिजली घरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बिजली घरों पर कितनी शिकायतें दर्ज हो रही हैं, अफसर इससे अनजान हैं।
भीषण गर्मी में एसी, कूलर, पंखे चलने से बिजली की खपत भी बढ़ गई है। शहर डिविजन की बात करें तो अप्रैल माह में 26 एमयू (मिलियन यूनिट) खपत थी। मई में नौ एमयू बढ़कर 35 एमयू खपत पहुंच गई। जबकि ज्वालापुर डिविजन, सिडकुल और लक्सर डिविजन में भी खपत बढ़ गई है। हालांकि, जून माह की कुल खपत का आंकड़ा महीने के आखिर में निकाला जाएगा। गर्मी में अधिक बिजली का लोड अधिक होने से ब्रेक डाउन और अघोषित बिजली कटौती हो रही है।
रोजाना घंटों की कटौती हो रही है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइनों में फाल्ट ने मुश्किल और बढ़ा दी है। कहीं लो वोल्टेज की समस्या परेशान कर रही है।
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प्रदेश का एक ही टोल फ्री नंबर
बिजली की समस्या से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए ऊर्जा निगम का 1912 नंबर है। पूरे प्रदेश से इस नंबर पर ही शिकायत होती हैं। जिसके बाद देहरादून में ऊर्जा भवन में शिकायत पहुंचती है।
कितनी शिकायतें होती हैं दर्ज अफसरों को नहीं मालूम
बिजली घरों पर रोजाना कितनी शिकायतें दर्ज होती हैं और कितनी का निस्तारण होता है, विभागीय अफसर अनजान हैं। ऊर्जा निगम की शहर डिविजन के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार, ज्वालापुर के अरविंद कुमार ने बिजली घरों पर दर्ज होने वाली शिकायतों की जानकारी को लेकर अनभिज्ञता जता दी।
बिजली से जुड़ी समस्या के लिए 1912 टोल फ्री नंबर है। स्थानीय स्तर पर कोई कंट्रोल रूम नहीं होता है। संबंधित बिजली घरों पर ही उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराते हैं। मैंने दो दिन पहले ही चार्ज संभाला है। संबंधित डिविजनों के अभियंताओं को उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय से समाधान कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
- प्रदीप चौधरी, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम हरिद्वार
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भीषण गर्मी में एसी, कूलर, पंखे चलने से बिजली की खपत भी बढ़ गई है। शहर डिविजन की बात करें तो अप्रैल माह में 26 एमयू (मिलियन यूनिट) खपत थी। मई में नौ एमयू बढ़कर 35 एमयू खपत पहुंच गई। जबकि ज्वालापुर डिविजन, सिडकुल और लक्सर डिविजन में भी खपत बढ़ गई है। हालांकि, जून माह की कुल खपत का आंकड़ा महीने के आखिर में निकाला जाएगा। गर्मी में अधिक बिजली का लोड अधिक होने से ब्रेक डाउन और अघोषित बिजली कटौती हो रही है।
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रोजाना घंटों की कटौती हो रही है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइनों में फाल्ट ने मुश्किल और बढ़ा दी है। कहीं लो वोल्टेज की समस्या परेशान कर रही है।
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प्रदेश का एक ही टोल फ्री नंबर
बिजली की समस्या से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए ऊर्जा निगम का 1912 नंबर है। पूरे प्रदेश से इस नंबर पर ही शिकायत होती हैं। जिसके बाद देहरादून में ऊर्जा भवन में शिकायत पहुंचती है।
कितनी शिकायतें होती हैं दर्ज अफसरों को नहीं मालूम
बिजली घरों पर रोजाना कितनी शिकायतें दर्ज होती हैं और कितनी का निस्तारण होता है, विभागीय अफसर अनजान हैं। ऊर्जा निगम की शहर डिविजन के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार, ज्वालापुर के अरविंद कुमार ने बिजली घरों पर दर्ज होने वाली शिकायतों की जानकारी को लेकर अनभिज्ञता जता दी।
बिजली से जुड़ी समस्या के लिए 1912 टोल फ्री नंबर है। स्थानीय स्तर पर कोई कंट्रोल रूम नहीं होता है। संबंधित बिजली घरों पर ही उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराते हैं। मैंने दो दिन पहले ही चार्ज संभाला है। संबंधित डिविजनों के अभियंताओं को उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय से समाधान कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
- प्रदीप चौधरी, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम हरिद्वार