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सरकारी आवास का इंतजार, पन्नी में दिन का काट रहे परिवार

Thu, 09 Dec 2021 08:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 08:45 PM IST
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Waiting for government accommodation, families spending the day under the tarpaulin
सरकार के सबको सिर छिपाने के लिए छत देने के दावे क्षेत्र में हवाई साबित हो रहे हैं। सलेमपुर गांव में किसी का नाम पात्रता सूची से काट दिया गया है तो कोई पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी मकान बनाने को सरकारी सहायता को तरस रहा है। इसके कारण गरीब परिवारों को कंपकंपाती ठंड में तिरपाल और टिनशेड में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। योजना के तहत ऐसे सभी परिवारों को सरकारी आवास उपलब्ध कराए जाने हैं, जिनके कच्चे घर हैं। इसके लिए सरकार की ओर से ढाई साल में कई बार सर्वेक्षण और सत्यापन किए गए। सत्यापनों में सलेमपुर ग्राम पंचायत में कुछ पात्र परिवारों के नाम हटा दिए गए। सर्वे करने के बाद भी बहुत से पात्र परिवार ऐसे हैं जो झोपड़ी और टिनशेड और तिरपाल डालकर रह रहे हैं। लेकिन सर्वेक्षण करने के दौरान अधिकारियों को यह नजर नहीं आए। जिनके नाम सूची में हैं भी उन्हें पहली किस्त नहीं मिली है।
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केस नंबर-1
इरशाद और सलीम मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। कच्चा मकानबरसात के दिनों में टपकता है। मकान की छत गिरने के डर से खाली जमीन में पन्नी डालकर रह रहा। पात्रता सूची में नाम होने के बाद पैसा नहीं मिला।
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केस नंबर-2
रणजीत मजदूरी करता है। टिनशेड में परिवार के साथ रहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम है। पक्का मकान बनाने के लिए पहली किस्त का इंतजार है। रणजीत का कहना है कि मकान बने तो टीन शेड से मुक्ति मिले।
केस नंबर-3
मोनू मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रधान ने प्रस्ताव पास कर भेजा था, उसका कहना है कि अधिकारियों ने पात्रता सूची से नाम हटा दिया है।

केस नंबर-4
संतोष के पति भैंसा बुग्गी चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। परिवार टिनशेड में रहता है। आंधी और बारिश के दौरान दिक्कत होती है।
वर्जन
जिन लोगों के नाम पात्रता सूची में नहीं हैं, उनके नाम दोबारा होने वाले सर्वे के बाद ही जोड़े जा सकेंगे। पहली किस्त जल्द जारी कर दी जाएगी। - आरसी तिवारी, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग, हरिद्वार
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