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उत्तराखंड: बिहार के बाद अब हरिद्वार में भी होगी मखाने की खेती, 120 बीघा में पायलट प्रोजेक्ट, 40% अनुदान

Tue, 06 Oct 2026 01:08 PM IST
Renu Saklani बसंत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसीस, हरिद्वार
बसंत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसीस, हरिद्वार Published by: Renu Saklani Updated Tue, 06 Oct 2026 01:08 PM IST
सार

हरिद्वार के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए पारंपरिक फसलों से इतर खेती के नए विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मखाने की खेती को आजमाने की तैयारी है, जिसके लिए किसानों को प्रशिक्षण के साथ आर्थिक मदद भी दी जाएगी।

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Makhana cultivation in haridwar pilot project to begin on 120 Bighas Farmers to Get 40% Subsidy read All
किसानों ने लिया प्रशिक्षण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बिहार के बाद अब हरिद्वार में भी मखाने की खेती की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सौ बीघा जमीन से ऊपर पर किसानों को मखाने की खेती कराई जाएगी। जिसके लिए किसानों को 40 फीसदी का अनुदान भी दिया जाएगा।

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जनपद में किसानों की ओर से गन्ना, धान और गेहूं की खेती पर ही अधिक जोर दिया जा रहा है। इस वजह से किसानों की आय भी नहीं बढ़ पा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से नई-नई फसलों का उत्पादन करने के प्रयास किए जा रहे हैं, किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।
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इसी क्रम में किसानों की आय बढ़ाने के लिए मखाने की खेती की तैयारी भी की जा रही है। उद्यान विभाग की ओर से शुरूआत में 120 बीघा जमीन पर मखाने पैदा करने का लक्ष्य लिया गया है। एक हेक्टयेटर जमीन पर खेती करने के लिए 01.31 लाख रुपये का खर्चा आएगा। जिसमें 40 प्रतिशत अनुदान के हिसाब से 52 हजार 400 रुपये का अनुदान खेती के लिए दिया जाएगा।
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तीन दिवसीय प्रशिक्षण के भेजा गया
एक किसान अधिकतम एक हेक्टेयर खेती के लिए योजना का लाभ ले सकेंगे। किसानों की ओर से तालाब और खेतों को भी तालाबनुमा बनाकर मखाने उगाए जा सकेंगे। किसानों को मखाने की खेती करने के लिए एक दौर का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें किसानों को बिहार के सहरसा स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान अगवानपुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण के भेजा गया था।

उद्यान विभाग की ओर से किसानों को मखाना की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि, किसानों की आय दोगुना हो सके। किसान मखाना से नमकीन, लड्डू, खीर, पाउडर, मखाना मिश्रित आटा जैसे मूल्यवर्धित उत्पााद बनाने के लिए भी दक्ष किया गाय है, जो महिलाओं और युवाओं के लिए स्ववरोजगार अच्छा साधन बन सकेगा।  -डा. ललित नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार


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मखाने की खेती के लिए किसानों का चयन करना शुरू कर दिया गया है। नवंबर और दिसंबर में किसानों का चयन कर मखाने की खेती शुरू कराई जाएगी। जनपद में मखाने की खेती का प्रयोग सफल होने के बाद इसका व्यापक स्तर उत्पादन कराया जाएगा। -तेजपाल सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी, हरिद्वार

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