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दुनिया में गौरव बढ़ाकर घर लौटी वंदना
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:52 PM IST
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Upon returning home after the Asia Cup Ginte Vandana Kataria national women's hockey team captain Sunil Doval Haridwar railway station to welcome sports officials.
- फोटो : amarujala
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सिंगापुर में पिछले दिनों हुए एशिया कप में भारत को चीन पर विजय दिलाने के बाद पहली बार घर लौटी भारत की राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम की कप्तान वंदना कटारिया का पहले हरिद्वार रेलवे स्टेशन और फिर गांव रोशनाबाद पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। कप्तान वंदना कटारिया ने कहा कि यह जीत उनके लिए ऐतिहासिक पल है। देश के लिए स्वर्ण जीतना उनका सपना था खास इसलिए भी है कि यह जीत उनके नेतृत्व में मिली।
शताब्दी एक्सप्रेस से हरिद्वार पहुंची वंदना कटारिया का स्वागत करने के लिए पहले से ही परिजन, ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के लोग रेलवे स्टेशन पर खड़े थे। ट्रेन रुकने पर वंदना जैसे ही कोच के गेट पर आई तो उनके पिता नाहर सिंह कटारिया और जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक ने गुलदस्ते भेंट कर वंदना का स्वागत किया। पूरा स्टेशन परिसर वंदना कटारिया के नारों से गूंज उठा। स्टेशन के कुलियों, यात्रियों और दुकानदारों ने भी वंदना का स्वागत किया।
करीब आधा घंटे तक चले स्वागत सत्कार से अभिभूत वंदना ने कहा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों का ऐसा प्यार और समर्थन पाकर गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। पत्रकारों से वार्ता करते हुए वंदना ने कहा कि एशिया कप में चीन पर भारत की जीत उनके लिए जीवन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए जब खेलने का मौका मिला तो स्वर्ण जीतना उसका सपना था। इस दौरान वंदना के भाई चंद्रशेखर कटारिया, पंकज कटारिया, चंद्रपाल, जिा क्रीड़ाधिकारी सुनील डोभाल, पर्यावरण एवं मानव उत्थान समिति के अध्यक्ष विनोद मिश्रा, महासचिव अमित शर्मा, उपाध्यक्ष पंकज शर्मा, संजना शर्मा आदि मौजूद थे।
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यात्रा रह गए भौचक्के
वंदना कटारिया के साथ ही ट्रेन में सवार होकर आ रहे यात्रियों को पूरे रास्ते यह अहसास ही नहीं हो पाया कि उनके साथ भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सफर कर रही हैं। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जब वंदना के समर्थन में नारेबाजी होने लगी तो यात्रियों में यह जानने की होड़ लग गई कि आखिर वे हैं कौन। जब पता चला तो यात्रियों ने भी वंदना का स्वागत किया और उसके साथ सेल्फी खिंचवाई।
सुविधाएं मुहैया कराए सरकार
भारतीय राष्ट्रीय महिला हाकी टीम की कप्तान वंदना कटारिया ने कहा कि गांवों में भी खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार को चाहिए कि उन्हें बेहतर खेल का माहौल और सुविधाएं मुहैया कराए। हरिद्वार समेत समूचे उत्तराखंड में भी उन्होंने एस्ट्रोटर्फ मैदान समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों को अपना नजरिया बदलना चाहिए। बेटियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए।
दो दिन गांव में रहेगी वंदना
वंदना कटारिया ने बताया कि वह दो दिन गांव में रहेगी इसके बाद कनाड़ा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भोपाल में शुरू होने वाले ट्रेनिंग कैंप में भाग लेने वहां जाएंगी।
शताब्दी एक्सप्रेस से हरिद्वार पहुंची वंदना कटारिया का स्वागत करने के लिए पहले से ही परिजन, ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के लोग रेलवे स्टेशन पर खड़े थे। ट्रेन रुकने पर वंदना जैसे ही कोच के गेट पर आई तो उनके पिता नाहर सिंह कटारिया और जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक ने गुलदस्ते भेंट कर वंदना का स्वागत किया। पूरा स्टेशन परिसर वंदना कटारिया के नारों से गूंज उठा। स्टेशन के कुलियों, यात्रियों और दुकानदारों ने भी वंदना का स्वागत किया।
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करीब आधा घंटे तक चले स्वागत सत्कार से अभिभूत वंदना ने कहा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों का ऐसा प्यार और समर्थन पाकर गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। पत्रकारों से वार्ता करते हुए वंदना ने कहा कि एशिया कप में चीन पर भारत की जीत उनके लिए जीवन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए जब खेलने का मौका मिला तो स्वर्ण जीतना उसका सपना था। इस दौरान वंदना के भाई चंद्रशेखर कटारिया, पंकज कटारिया, चंद्रपाल, जिा क्रीड़ाधिकारी सुनील डोभाल, पर्यावरण एवं मानव उत्थान समिति के अध्यक्ष विनोद मिश्रा, महासचिव अमित शर्मा, उपाध्यक्ष पंकज शर्मा, संजना शर्मा आदि मौजूद थे।
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यात्रा रह गए भौचक्के
वंदना कटारिया के साथ ही ट्रेन में सवार होकर आ रहे यात्रियों को पूरे रास्ते यह अहसास ही नहीं हो पाया कि उनके साथ भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सफर कर रही हैं। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जब वंदना के समर्थन में नारेबाजी होने लगी तो यात्रियों में यह जानने की होड़ लग गई कि आखिर वे हैं कौन। जब पता चला तो यात्रियों ने भी वंदना का स्वागत किया और उसके साथ सेल्फी खिंचवाई।
सुविधाएं मुहैया कराए सरकार
भारतीय राष्ट्रीय महिला हाकी टीम की कप्तान वंदना कटारिया ने कहा कि गांवों में भी खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार को चाहिए कि उन्हें बेहतर खेल का माहौल और सुविधाएं मुहैया कराए। हरिद्वार समेत समूचे उत्तराखंड में भी उन्होंने एस्ट्रोटर्फ मैदान समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों को अपना नजरिया बदलना चाहिए। बेटियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए।
दो दिन गांव में रहेगी वंदना
वंदना कटारिया ने बताया कि वह दो दिन गांव में रहेगी इसके बाद कनाड़ा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भोपाल में शुरू होने वाले ट्रेनिंग कैंप में भाग लेने वहां जाएंगी।