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पांच दिन से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब, भटक रहे मरीज
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जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन आए दिन खराब हो जाती है। मशीन आठ साल पुरानी होने के कारण कुछ न कुछ तकनीकी खराबी आ जाती है। पांच दिन पहले मशीन खराब हो गई और अब तक ठीक नहीं हो पाई। ऐसे में जिला और महिला अस्पताल के मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है।
अल्ट्रासाउंड मशीन जिला अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है। कोई महीना ऐसा नहीं गुजरता जब मशीन लगातार चलती हो। अक्तूबर में भी कई दिन तक मशीन खराब रही थी। अब तीन नवंबर को फिर से खराब हो गई। उम्मीद जताई जा रही थी कि मंगलवार को मशीन को ठीक करा दिया जाएगा, पर ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मालूम हो कि महिला अस्पताल में जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड निशुल्क होता है। इसके अलावा दूसरे मरीजों को केवल 520 रुपये ही देने पड़ते हैं। जबकि निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर 900 से 1500 रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार महिला अस्पताल में हर रोज करीब बीस गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए चिकित्सक कहते हैं। अब मशीन खराब होने के कारण इन महिलाओं और उनके तीमारदारों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। गरीब महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय त्यागी ने बताया कि मशीन का पार्ट मुंबई से आना है। इसके लिए टेक्नीशियन को बुलाया गया है। संभवत: बुधवार शाम तक अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक हो जाएगी।
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अल्ट्रासाउंड मशीन करीब आठ साल पुरानी है। मशीन बार-बार खराब हो जाती है। नई अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए कई बार विभागीय पत्राचार किया, लेकिन नई अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिल सकी है। पुरानी मशीन से रोजाना 60 से 70 अल्ट्रासाउंड होते हैं।
- डॉ. सीपी त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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अल्ट्रासाउंड मशीन जिला अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है। कोई महीना ऐसा नहीं गुजरता जब मशीन लगातार चलती हो। अक्तूबर में भी कई दिन तक मशीन खराब रही थी। अब तीन नवंबर को फिर से खराब हो गई। उम्मीद जताई जा रही थी कि मंगलवार को मशीन को ठीक करा दिया जाएगा, पर ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मालूम हो कि महिला अस्पताल में जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड निशुल्क होता है। इसके अलावा दूसरे मरीजों को केवल 520 रुपये ही देने पड़ते हैं। जबकि निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर 900 से 1500 रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है।
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जानकारी के अनुसार महिला अस्पताल में हर रोज करीब बीस गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए चिकित्सक कहते हैं। अब मशीन खराब होने के कारण इन महिलाओं और उनके तीमारदारों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। गरीब महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय त्यागी ने बताया कि मशीन का पार्ट मुंबई से आना है। इसके लिए टेक्नीशियन को बुलाया गया है। संभवत: बुधवार शाम तक अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक हो जाएगी।
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अल्ट्रासाउंड मशीन करीब आठ साल पुरानी है। मशीन बार-बार खराब हो जाती है। नई अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए कई बार विभागीय पत्राचार किया, लेकिन नई अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिल सकी है। पुरानी मशीन से रोजाना 60 से 70 अल्ट्रासाउंड होते हैं।
- डॉ. सीपी त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल