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चेक बाउंस होने पर न्यायालय ने सुनाई सजा

Tue, 22 Oct 2019 11:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2019 11:36 PM IST
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Two years imprisonment in check bounce case
रोशनाबाद। चेक बाउंस होने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दो वर्ष के सश्रम कारावास और 27 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से 26.90 लाख रुपए पीड़ित को प्रतिकर के रूप में अदा करने और 10,000 हजार रुपये जुर्माने के रूप में सरकारी खाते में जमा करने के आदेश दिए।
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अधिवक्ता अशोक वर्मा ने बताया कि पीड़ित चंद्रकांता बंधु पत्नी मनुदेव बंधु निवासी दयानंद नगरी आर्यनगर ज्वालापुर ने अरविंद कुमार गुप्ता पुत्र महेंद्र कुमार गुप्ता निवासी आर्य नगर ज्वालापुर के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि आरोपी ने उन्हें एक संपत्ति 78 लाख में बेचना तय किया था। उन्होंने बयाने के रूप में 15 जून 2011 को दस लाख नगद आरोपी को दिए थे। 15 जून 2011 को इस बारे में एक इकरारनामा भी लिखा गया था। आरोपी ने उनसे अलग अलग तारीख में 13 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद संपत्ति की रजिस्ट्री 30 जनवरी 2012 को उनके नाम करनी तय की गई। इस बीच उन्हें पता चला कि उक्त संपत्ति पर विवाद है। इसके बदले उन्हें अन्य संपत्ति दिखाई गई। साथ ही दी गई रकम उसमें समायोजित करने की बात कही। इस संपत्ति की रजिस्ट्री उनके पक्ष में 4 जनवरी 2013 को होती तय हुई। मगर किसी कारणवश इस संपत्ति की रजिस्ट्री नीयत समय पर नहीं होने के कारण दोनों के बीच आपसी रजामंदी से 13 लाख रुपये के बदले लाभ सहित उन्हें 17.50 लाख रुपये देने की बात हुई। इस पर आरोपी ने उन्हें चार-चार लाख के तीन चेक व साढे़ पांच लाख का एक चेक अलग तिथि के दिए जो बैंक ने बिना भुगतान के ही वापस कर दिए। इसके बाद उन्होंने रकम मांगी तो आरोपी ने रकम नहीं दी। इसपर उन्होंने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया।
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सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय भारती मंगलानी ने आरोपी अरविंद कुमार गुप्ता पुत्र महेंद्र गुप्ता को चेक बाउंस होने के मामले का दोषी पाते हुए 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 27 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि वह जुर्माने की धनराशि में से 26.90 लाख बतौर प्रतिकार पीड़ित परिवार को अदा करें और दस हजार रुपये सरकार के खाते में जमा करें। जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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