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Haridwar News: मेला अस्पताल में आई फ्लू के मरीजों के लिए उपचार का संकट
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जिले में बड़े पैमाने पर आई फ्लू के मामले आ रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिले के सीएमओ को अस्पतालों में आई फ्लू के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं लेकिन राजकीय मेला अस्पताल में मरीजों के लिए उपचार का संकट खड़ा हो सकता है। अस्पताल के एकमात्र नेत्र सर्जन को संयुक्त निदेशक पद पर पदोन्नति मिली है। उनको एसीएमओ टिहरी बनाया गया है। उनके रिलीव होने के बाद अस्पताल की नेत्र चिकित्सा ओपीडी बंद हो जाएगी।
राजकीय मेला अस्पताल में रोजाना आई फ्लू के 30 से 35 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी में तेजी से आई फ्लू के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए दवाएं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। अस्पताल में वर्तमान में एकमात्र सर्जन डॉ. विवेक तिवारी तैनात है। डॉ. विवेक तिवारी को संयुक्त निदेशक पद पर पदोन्नति मिली है। हाल में जारी तबादला सूची में उनका स्थानांतरण जिला स्वास्थ्य विभाग टिहरी में एसीएमओ के पद पर किया गया है। राजकीय मेला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि नेत्र रोग विशेषज्ञ की पदोन्नति के बाद उनका तबादला हो गया है। उन्होंने बताया कि अगले दो चार दिनों नेत्र सर्जन को रिलीव कर दिया जाएगा। बताया कि अस्पताल में नेत्र सर्जन की तैनाती के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी गई है।
राजकीय मेला अस्पताल में रोजाना आई फ्लू के 30 से 35 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी में तेजी से आई फ्लू के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए दवाएं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। अस्पताल में वर्तमान में एकमात्र सर्जन डॉ. विवेक तिवारी तैनात है। डॉ. विवेक तिवारी को संयुक्त निदेशक पद पर पदोन्नति मिली है। हाल में जारी तबादला सूची में उनका स्थानांतरण जिला स्वास्थ्य विभाग टिहरी में एसीएमओ के पद पर किया गया है। राजकीय मेला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि नेत्र रोग विशेषज्ञ की पदोन्नति के बाद उनका तबादला हो गया है। उन्होंने बताया कि अगले दो चार दिनों नेत्र सर्जन को रिलीव कर दिया जाएगा। बताया कि अस्पताल में नेत्र सर्जन की तैनाती के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी गई है।
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