Krishna Janmashtami 2020: आज गृहस्थ तो कल वैष्णव मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, ऐसे करें पूजा
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इस साल श्री कृष्ण जन्माष्टमी दो दिन पड़ रही है। मंगलवार को सुबह 9.07 बजे के बाद अष्टमी शुरू हो जाएगी और मंगलवार अर्धरात्रि तक पूजन होगा। बुधवार को अष्टमी सुबह 11:17 तक रहेगी।
मंगलवार को पूजा का शुभ समय रात 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक के बीच रहेगा। जन्माष्टमी पर राहु काल दोपहर 12:27 बजे से 2:06 बजे तक रहेगा। जन्माष्टमी पर कृतिका नक्षत्र रहेगा।
तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने बताया कि मंगलवार को गृहस्थ लोग कृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। क्योंकि मंगलवार को सुबह 9 बजकर 07 मिनट से अष्टमी शुरू हो जाएगी। इससे कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मंगलवार को ही होगा। मंगलवार को गृहस्थ लोग कृष्ण जन्म के समय तिथि को मानकर ही व्रत रख सकते हैं। जबकि जो वैष्णव है वे लोग बुधवार को जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे।
ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी बताते हैं कि इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिन मनाई जा रही है। एक दिन पहले जब रात्रि को भगवान का जन्म हुआ तब रात्रि 12 बजे अष्टमी होती है, उस दिन ये व्रत गृहस्थ लोग करते हैं।
बुधवार को भगवान के जन्म का उत्सव मनेगा
जबकि बुधवार की रात्रि में अष्टमी नहीं होगी। इसीलिए समस्त गृहस्थ आश्रम वालों को अपने परिवार में सुख, धन, पुत्र प्राप्ति के लिए मंगलवार को ही व्रत रखकर करना चाहिए। वहीं दूसरे दिन यानी बुधवार को भगवान के जन्म का उत्सव है, उनके कृष्ण स्त्रोत्र का पाठ करना चाहिए।
इस प्रकार करें पूजन
जो लोग किसी कला में निपुणता प्राप्त करना चाहे वो कृष्ण भगवान के बांसुरी बजाते हुए चित्र का ध्यान करें। वहीं जो पुत्र चाहते हैं वो बालकृष्ण का ध्यान पूजन करें, जो धन चाहते हैं वो रुकमणि सहित पूजा करें। वहीं जो प्रेम भक्ति समस्त सुख चाहते हैं वो राधा सहित ध्यान करे। विवाह चाहने वाले सत्यभामा सहित श्रीकृष्ण का पूजन करें।
यदि कोई रोग हो गया हो तो कृष्ण के चक्रधारी रूप का पूजन करें। वहीं अवसाद हो तो कृष्ण के सारथी वाले रूप का पूजा अर्चना करें। सभी भय, मृत्यु के भय, सदगति के लिए विश्व रूप का पूजन करें।