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गंगा स्वच्छता कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 22 Dec 2016 10:56 PM IST
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Under the plan, the divine love in Haridwar Namami Gange service mission to lay the foundation stone of the building near the pier of State Minister. Sanjeev Kumar Balyan, MP and MLA Ramesh Pokhriyal Ytishhwaranand owner.
- फोटो : amarujala
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नमामि गंगे योजना के तहत चंडीघाट पर 50 करोड़ 36 लाख की लागत से बनने वाले स्नान और श्मशान घाट के कार्यों का शिलान्यास केंद्रीय नदी विकास एवं गंगा संरक्षण, जल संसाधन राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गंगा स्वच्छता कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा अभियान है।
बृहस्पतिवार को गंगा के चंडीघाट (नीलधारा घाट) पर बनने वाले स्नान एवं श्मशान घाट के लिए शिलान्यास समारोह किया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री डा. संजीव कुमार बालियान ने कहा कि कड़ी मेहनत पर गंगा स्वच्छता के लिए नमामि गंगे परियोजना तैयार हुई। उन्होंने यूपी और उत्तराखंड राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गंगा स्वच्छ एवं प्रबंधन करना दोनों सरकारों का काम है, लेकिन केंद्र सरकार की योजनाओं के संचालन पर सहयोग नहीं कर रहे हैं। योजनाओं को पास कराने के लिए एनओसी तक के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ऐसे में कार्यों में देरी हो रही है। उन्होंने कहा मुजफ्फरनगर में गंगा की एक लाख बीघा भूमि में से 50 हजार बीघा को कब्जामुक्त करा दिया है। उन्होंने गंगा की भूमि में गो संरक्षण के लिए गोशाला बनाने के लिए सलाह दी।
इस मौके पर सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने गंगा प्लान बनाए, लेकिन सैकड़ों करोड़ रुपये ठिकाने लगाने के बाद भी गंगा साफ नहीं हुई। अब केंद्र की सरकार ने गंगा स्वच्छता का बीड़ा उठाया है। हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने गंगा सफाई के लिए लोगों का आह्वान किया। विधायक मदन कौशिक और मेयर मनोज गर्ग ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गंगा के घाटों के नाम बदलने से गंगा साफ नहीं होगी। स्थानीय निकायों को भी योजनाओं में शामिल करना होगा। इस मौके पर गंगा मिशन के राष्ट्रीय स्वच्छता के महानिदेशक यूपी सिंह, बाबा हठयोगी, प्रोग्राम निदेशक आशीष जोशी, हरिहर मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह, संजय चतुर्वेदी, आशीष जोशी, आशु चौधरी, विकास तिवारी, अनिरुद्ध भाटी, विनित जौली, रीता चमोली, अनिल अरोड़ा, सतविंद्र सिंह मौजूद थे।
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केंद्रीय राज्यमंत्री हुए नाराज
शिलान्यास कार्यक्रम समारोह 12 बजे शुरू होना था। केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान दोपहर 12.45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर न तो सुनने वाले थे और न ही आयोजक। इससे केंद्रीय राज्यमंत्री नाराज हो गए और वहां से निकलकर डामकोठी में पहुंच गए। इसके बाद आयोजकों ने केंद्रीय मंत्री को मनाया और दोबारा से कार्यक्रम स्थल पर ले गए।
50.36 करोड़ में यह कार्य होंगे
गंगा मिशन के राष्ट्रीय स्वच्छता के महानिदेशक यूपी सिंह ने बताया कि स्नान घाट एवं घाट का विस्तार 1649.52 लाख से, नदी संरक्षण कार्य 974.17 लाख, शमशान 846.17 लाख, सेवन दीवान 7.19, क्लोरीनीकरण 8.83 लाख, ओवर हेड टैंक 46.85 लाख, सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम 52.2 लाख, अगले पांच सालों के घाट का मरम्मत का कार्य के लिए 419.66 लाख, सुपरविजन एवं जांच रिपोर्ट में 337.55 लाख रुपये का बजट है। यह प्रोजेक्ट सन 2014 में तैयार हुआ तो अब वृद्घि कार्यभार में 383.585 लाख रुपये अतिरिक्त खर्चा के लिए जोड़ा गया है। उपरोक्त सभी मदों के साथ अन्य खर्चे जोड़कर 50.36 करोड़ रुपये में यह कार्य होंगे।
बृहस्पतिवार को गंगा के चंडीघाट (नीलधारा घाट) पर बनने वाले स्नान एवं श्मशान घाट के लिए शिलान्यास समारोह किया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री डा. संजीव कुमार बालियान ने कहा कि कड़ी मेहनत पर गंगा स्वच्छता के लिए नमामि गंगे परियोजना तैयार हुई। उन्होंने यूपी और उत्तराखंड राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गंगा स्वच्छ एवं प्रबंधन करना दोनों सरकारों का काम है, लेकिन केंद्र सरकार की योजनाओं के संचालन पर सहयोग नहीं कर रहे हैं। योजनाओं को पास कराने के लिए एनओसी तक के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ऐसे में कार्यों में देरी हो रही है। उन्होंने कहा मुजफ्फरनगर में गंगा की एक लाख बीघा भूमि में से 50 हजार बीघा को कब्जामुक्त करा दिया है। उन्होंने गंगा की भूमि में गो संरक्षण के लिए गोशाला बनाने के लिए सलाह दी।
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इस मौके पर सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने गंगा प्लान बनाए, लेकिन सैकड़ों करोड़ रुपये ठिकाने लगाने के बाद भी गंगा साफ नहीं हुई। अब केंद्र की सरकार ने गंगा स्वच्छता का बीड़ा उठाया है। हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने गंगा सफाई के लिए लोगों का आह्वान किया। विधायक मदन कौशिक और मेयर मनोज गर्ग ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गंगा के घाटों के नाम बदलने से गंगा साफ नहीं होगी। स्थानीय निकायों को भी योजनाओं में शामिल करना होगा। इस मौके पर गंगा मिशन के राष्ट्रीय स्वच्छता के महानिदेशक यूपी सिंह, बाबा हठयोगी, प्रोग्राम निदेशक आशीष जोशी, हरिहर मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह, संजय चतुर्वेदी, आशीष जोशी, आशु चौधरी, विकास तिवारी, अनिरुद्ध भाटी, विनित जौली, रीता चमोली, अनिल अरोड़ा, सतविंद्र सिंह मौजूद थे।
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केंद्रीय राज्यमंत्री हुए नाराज
शिलान्यास कार्यक्रम समारोह 12 बजे शुरू होना था। केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान दोपहर 12.45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर न तो सुनने वाले थे और न ही आयोजक। इससे केंद्रीय राज्यमंत्री नाराज हो गए और वहां से निकलकर डामकोठी में पहुंच गए। इसके बाद आयोजकों ने केंद्रीय मंत्री को मनाया और दोबारा से कार्यक्रम स्थल पर ले गए।
50.36 करोड़ में यह कार्य होंगे
गंगा मिशन के राष्ट्रीय स्वच्छता के महानिदेशक यूपी सिंह ने बताया कि स्नान घाट एवं घाट का विस्तार 1649.52 लाख से, नदी संरक्षण कार्य 974.17 लाख, शमशान 846.17 लाख, सेवन दीवान 7.19, क्लोरीनीकरण 8.83 लाख, ओवर हेड टैंक 46.85 लाख, सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम 52.2 लाख, अगले पांच सालों के घाट का मरम्मत का कार्य के लिए 419.66 लाख, सुपरविजन एवं जांच रिपोर्ट में 337.55 लाख रुपये का बजट है। यह प्रोजेक्ट सन 2014 में तैयार हुआ तो अब वृद्घि कार्यभार में 383.585 लाख रुपये अतिरिक्त खर्चा के लिए जोड़ा गया है। उपरोक्त सभी मदों के साथ अन्य खर्चे जोड़कर 50.36 करोड़ रुपये में यह कार्य होंगे।