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गांव का भी लाडला था कांस्टेबल अनंत

Fri, 08 Apr 2016 12:21 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Fri, 08 Apr 2016 12:21 AM IST
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The village was also dear Constable Ananth
गांव का लाडला था अनंत - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार। उत्तरकाशी में मारे गए एसटीएफ का कांस्टेबल अनंत यादव अपने गांव का भी लाडला था। पुलिस में भर्ती होकर गांव छोड़ने के बाद भी उसका गांव से लगाव कम नहीं हुआ था। उसकी छुट्टियां गांव में ही बीतती थी और हर किसी से उसका मेलजोल था।

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ज्वालापुर से सटे गांव सराय में यादव बिरादरी के कई परिवार रहते हैं। बचपन में ही माता के निधन के बाद अनंत, उसके छोटे भाई अमित व बड़ी बहन बिंदिया की परवरिश रिश्तेदारों ने ही की थी। पेशे से शिक्षक रहे पिता महिपाल यादव भी दो साल पहले ही दुनिया को अलविदा कह गए। राज्य गठन के बाद पहली भर्ती में वर्ष 2001 में उत्तराखंड पुलिस का हिस्सा बने अनंत यादव का नाता गांव से हमेशा से ही जुड़ा रहा। भाई के पीछे पीछे चलते ही छोटे भाई ने उत्तराखंड पुलिस फोर्स को अपने भविष्य के तौर पर चुना। पुलिस की नौकरी होने के बावजूद अनंत ने गांव से नाता नहीं तोड़ा बल्कि जब भी मौका मिलता था वो गांव चला आता था। हाल ही में पंद्रह दिन पूर्व भी गांव पहुंचे अनंत ने अपने कुनबे के सभी बड़े छोटों से मुलाकात की थी। देहरादून में रह रहे अनंत की आठ साल की बेटी शगुन और चार साल का बेटा श्रेय है। रिश्ते के चाचा जगदीश यादव व ब्रह्मपाल यादव बताते हैं कि उसे गांव से बेहद ही लगाव था। पिता की मौत के बाद भी गांव में अपने पैतृक घर में ठहरने आता था।
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यादव कुनबे को दूसरा बड़ा झटका
- पहले रणवीर एनकांउटर कांड में फंसा परिवार का एक लाडला
हरिद्वार। गांव सराय के यादव कुनबे को दूसरा बड़ा झटका लगा है। बहुचर्चित रणवीर एनकाउंटर में फंसा दारोगा नीरज यादव भी इसी कुनबे का ही सदस्य है। अनंत की मौत के बाद गांव सराय में दिन भर नीरज यादव को लेकर ही चर्चा होती रही। शहीद कांस्टेबल अनंत यादव का छोटा भाई अमित यादव भी देहरादून में ही तैनात है। यादव कुनबे में कई युवक उत्तराखंड पुलिस का ही हिस्सा है। बृहस्पतिवार सुबह जब लाडले अनंत के की मौत की खबर गांव में पहुंची तो कुनबे में मातम पसर गया। अनंत यादव के पैतृक गांव में बिरादरी के साथ साथ गांववाले भारी संख्या में सांत्वना देने पहुंचे। कांस्टेबल अनंत के घर में केवल अब एक सगी ताई ही बची है जबकि ताऊ की भी मृत्यु हो चुकी है। भाई की मौत की खबर मिलने के बाद सहारनपुर से बहन भी गांव पहुंच गई थी।
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अनंत की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़
हरिद्वार।  एसटीएफ के कांस्टेबल अनंत यादव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। कनखल श्मशान घाट पर पुत्र श्रेय ने पिता के पार्थिव शव को मुखाग्नि दी। यह देखकर शमशान घाट पर मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई।

कांस्टेबल का शव बृहस्पतिवार शाम हरिद्वार पहुंचा। यहां से पार्थिव शव फिर गांव सराय ले जाया गया। जहां कांस्टेबल के अंतिम दर्शन को भारी संख्या में ग्रामीण पहले से जमा थे। मातमी धुन से कांस्टेबल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।  शव को अंतिम संस्कार के लिए कनखल शमशान घाट लाया गया। मासूम बेटे श्रेय ने पिता के शव को मुखाग्नि दी। श्रद्धांजलि देने के दौरान आईजी मेला जीएस मर्तोलिया, एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी कुंभ जेआर जोशी, एसपी श्वेता चौबे, एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर समेत आला अफसर एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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