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मेडिकल जांच को लेकर मातृसदन में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:23 PM IST
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खनन के विरोध में अनशन कर रहे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की मेडिकल जांच के लिए पहले से गठित आयुर्वेदिक चिकित्सकों की टीम की जांच को लेकर मातृसदन में हंगामा हो गया। टीम ने जांच कर आत्मबोधानंद के लिए अन्न जरूरी बताया लेकिन, जब मातृसदन ने अपने परिचित डाक्टर से चेकअप कराया तो ब्लड प्रेशर में भारी अंतर पाया गया। इस पर स्वामी शिवानंद, ब्रह्मचारी दयानंद ने टीम को आड़े हाथ लेते हुए अनशनकारी ब्रह्मचारी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक हुई। उसके बाद चिकित्सकों की टीम लौट गई।
गंगा में खनन और क्रशरों पर कार्रवाई समेत पांच बिंदुओं को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 15 दिन से अनशन कर रहे हैं। इनके स्वास्थ्य की जांच के लिए प्रशासन ने आयुर्वेदिक डाक्टरों की टीम का गठन ब्रह्मचारी के अनशन के पहले सप्ताह में ही कर दिया था। लगातार अनशन को देखते हुए शुक्रवार को सीएमओ ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. दिवाकर मिश्रा की अगुवाई में एलोपैथिक चिकित्सकों की नई जांच टीम गठित की। शनिवार सुबह करीब साढे़ दस बजे पहले से गठित आयुर्वेदिक डाक्टरों की टीम मातृसदन पहुंची। इस पर परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद का कहना है कि नई टीम गठित होने पर पुरानी टीम नियमानुसार अमान्य हो चुकी है। इसके बावजूद टीम ने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के स्वास्थ्य की जांच की। टीम ने ब्लड प्रेशर ज्यादा होने का दावा करते हुए अन्न जरूरी बताया।
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स्वामी शिवानंद ने तर्क दिया कि जांच के लिए डाक्टरों की नई टीम बनने पर पुरानी टीम अमान्य हो चुकी है। ऐसे में जांच व्यक्तिगत रूप से कराई गई है। लिहाजा जांच रिपोर्ट शासन-प्रशासन को नहीं भेजी जानी चाहिए। यदि भेजी जाती है तो रिपोर्ट अवैध मानी जाएगी लेकिन, टीम में शामिल डाक्टरों का कहना था कि उन्हें सीएमओ के पत्र की जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आगे भेजी जाएगी। इस बात को लेकर स्वामी शिवानंद और चिकित्सकों के बीच नोकझोंक हो गई। तब तक मातृसदन से जुड़े डा. विजय वर्मा भी आश्रम पहुंचे। स्वामी शिवानंद ने उनसे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का मेडिकल करने के लिए कहा। डा. वर्मा ने टीम का उपकरण लेकर ब्लड प्रेशर चेक किया तो सामान्य पाया। इसको लेकर स्वामी शिवानंद व ब्रह्मचारी दयानंद का पारा फिर चढ़ गया। दोनों जांच टीम पर बरस पड़े। डा. विजय वर्मा ने भी मेडिकल टीम को खरी-खोटी सुनाते हुए उनकी रिपोर्ट को चैलेंज किया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे टीम लौट गई। पत्रकारवार्ता में स्वामी शिवानंद ने स्वामी पूर्णानंद और ब्रह्मलीन निगमानंद के अनशन के दौरान मेडिकल जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के खिलाफ भी ऐसी ही साजिश रची जा रही है।
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सीएमओ के खिलाफ मुकदमे की तैयारी
सीएमओ ने शुक्रवार को ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस संबंध में जिलाधिकारी व एसएसपी को पत्र भेजा। इसमें जांच सुनिश्चित कराने को कहा गया। स्वामी शिवानंद ने इस पत्र पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि हमारी अनुमति के बिना पुलिस को आश्रम में जाने का आदेश देने वाले सीएमओ कौन होते हैं। उन्होंने पूछा, सीएमओ को मजिस्ट्रेटियल अधिकार किसने दिया है कि वह पुलिस-प्रशासन को मातृसदन भेजें। पत्रकारवार्ता में स्वामी शिवानंद ने कहा कि सीएमओ के खिलाफ सोमवार को सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जा रहा है।
राजनीति के आरोपों पर चढ़ा शिवानंद का पारा
मेडिकल टीम को मीडिया से रूबरू कराने के दौरान स्वामी शिवानंद ने उन पर धोखे से मेडिकल करने का आरोप लगाया। इस बीच मीडियाकर्मियों ने जब मेडिकल टीम से जवाब मांगा तो उन्होंने स्वामी शिवानंद पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप जड़ दिया। इसे सुनते ही स्वामी शिवानंद का पारा चढ़ गया। स्वामी शिवानंद के तेवर देखकर और टीम में शामिल एक वरिष्ठ चिकित्सक की हिदायत पर डॉक्टर ने अपने शब्द वापस लेते हुए माफी मांगी लेकिन, बाद में ब्लड प्रेशर में अंतर निकलने पर टीम को फिर से मातृसदन के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
टीम बोली, नए पत्र की जानकारी नहीं
आयुर्वेदिक मेडिकल टीम का कहना था कि नई टीम के संबंध में सीएमओ के नए पत्र की उन्हें जानकारी नहीं है। वह यूनानी अधिकारी के निर्देश पर ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का मेडिकल करने आए हैं। ब्लड प्रेशर की जांच में अंतर पर उनका तर्क था कि पहली जांच करीब एक घंटे पहले की गई थी। मीडियाकर्मियों ने सीएमओ का पत्र सही या गलत होने को लेकर जब टीम से सवाल किया तो वह माकूल जवाब नहीं दे पाए।