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अतिक्रमण हटाने गई टीम, झेला विरोध और हंगामा

Sat, 03 Sep 2022 12:15 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 12:15 AM IST
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The team that went to remove the encroachment faced the protest
बैरागी कैंप स्थित सिंचाई विभाग की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंची टीम को भारी विरोध झेलना पड़ा। एक गोशाला के टीन शेड पर जेसीबी चलते ही विधायक मदन कौशिक मौके पर पहुंच गए। उनके हस्तक्षेप पर टीम को बैरंग लौटना पड़ा। टीम ने अतिक्रमणकारियों को 10 दिन में दस्तावेज देने के निर्देश दिए।
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कुंभ मेले के लिए आरक्षित उत्तराखंड सिंचाई विभाग की जमीन पर लगातार अतिक्रमण होता आ रहा है। अतिक्रमणकारियों ने पक्के निर्माण करके मकान, दुकान और आश्रम तक बना लिए हैं। इसके अलावा रेहड़ी, ठेली, ढाबे भी सरकारी जमीन पर खुले हुए हैं। अब तक हुए अवैध चिन्हीकरण में 658 अवैध निर्माण पाए गए हैं। इनको हटाने के लिए जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय के साथ ही हाईकोर्ट का भी सख्त आदेश जारी हो रखा है। बावजूद इसके आज तक अतिक्रमण नहीं हटाए गए हैं।
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शुक्रवार को जब पुलिस बल के साथ प्रशासन और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम अतिक्रमणों को हटाने के लिए बैरागी कैंप क्षेत्र में पहुंची तो हंगामा हुआ। सूचना मिलते ही पार्षद सचिन अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी कार्रवाई का भारी विरोध किया। एक गोशाला के टीनशेड पर जेसीबी चलने के बाद रुक गई। विधायक मदन कौशिक भी मौके पर पहुंचे। विधायक और पार्षद ने सिंचाई विभाग की टीम से जमीन से जुड़े हुए दस्तावेज मांगे।
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विधायक ने कहा कि यह जगह सरकार की ओर से 2017 में मलिन बस्ती घोषित है। सरकार के एक्ट के अनुसार बस्ती का नाम बैरागी कैंप दर्ज है, जिसका क्रमांक संख्या एक्ट में पांच है। साथ ही विधायक ने कहा कि यह जमीन देवपुरा एहतमाल ग्राम समाज की है। टीम जमीन से जुड़े हुए संपूर्ण अभिलेख भी मौके पर नहीं दिखा पाई और वापस लौट आई। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार दयाराम, उत्तराखंड सिंचाई विभाग की अधिशासी अभियंता मंजू, उप राजस्व अधिकारी शेषनाथ यादव आदि मौजूद रहे।

तीसरे दिन नहीं लगे लाल निशान
शहर में अतिक्रमण पर लाल निशान लगाने के लिए चल रही कार्रवाई शुक्रवार को तीसरे दिन नहीं हो सकी। दरअसल, तहसील के लेखपालों के नहीं आने से अतिक्रमण चिन्हित करने की कार्रवाई शुुरू नहीं हो पाई, जबकि टीम के अन्य सदस्य कार्रवाई शुरू करने के लिए दोपहर तक इंतजार करते रहे। सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के लेखपालों के नहीं आने से एसडीएम पूरण सिंह राणा को पत्र भेजा गया है।
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