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Haridwar News: पहले से ही तो नहीं तैयार थी कंपनी को बचाने की पटकथा
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अवैध होर्डिंग और अनुबंध में छूट को लेकर मेयर ने पिछले अनुबंध के समय से ही होर्डिंग विज्ञापन कंपनी मिडास इंफ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। मेयर के सख्त रुख अपनाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने कंपनी को नोटिस जारी किया। हैरानी की बात है कि नोटिस में कंपनी से ही पूछा जा रहा है कि उसके कितने यूनिपोल है। अब यूनिपोल और होर्डिंग हटाने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। लेकिन निगम यूनिपोल से मिले राजस्व की वसूली और चालान की कार्रवाई नहीं कर रहा है।
विज्ञापन होर्डिंग कंपनी ने पिछले अनुबंध की निर्धारित धनराशि के भुगतान में आनाकानी शुरू कर दी थी। मेयर और पार्षद तब से ही कंपनी के विरोध में थे। हालांकि मामला न्यायालय जाने के बाद निगम को कंपनी को भुगतान में छूट देनी पड़ी। मेयर ने इस दौरान निगम के अधिकारियों और कंपनी के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए थे।
मेयर अनीता शर्मा ने बताया कि दूसरी बार होर्डिंग विज्ञापन के लिए छह बार टेंडर निकाला गया। पहले सैफ्रोन कंपनी के नाम से टेंडर खुला, लेकिन कंपनी तीन कार्यदिवस में धरोहर धनराशि जमा नहीं करवा पाई। इसके बाद एल टू मिडास इंफ्राट्रेक लिमिटेड थी और ठेका कंपनी को मिल गया।
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मेयर ने बताया कि उन्होंने नगर आयुक्त को अवैध होर्डिंग को लेकर कंपनी पर कार्रवाई के लिए 15 पत्र लिखे। इसके बाद निगम प्रशासन ने कार्रवाई नहीं है। उन्होंने बताया कि अब एक बार फिर सोची समझी योजना के तहत के कंपनी को बचाने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा निगम बिना चिह्निकरण के लिए यूनिपोल हटा रहा है। कहा निगम यूनिपोल लगाने वालों का चालान भी नहीं कर रहा है। ऐसे में दो साल के समय में 1.72 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है, उसकी वसूली कैसे होगी।
मेयर अनीता शर्मा ने कि नगर निगम मिडास इंफ्राट्रेक कंपनी से ही पूछ रहा कि उनके कितने यूनिपोल हैं। मेयर ने कहा कि चिन्हीकरण, वूसली और चालान का काम साथ होना चाहिए। कहा कि अगर ऐसा न हुआ तो कंपनी अक्तूबर में साफ निकल जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर निगम के नुकसान की पूर्ति नहीं हुई तो वह शासन से मामले की जांच की मांग करेगी।
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मेयर के मैदान में उतरने से पहले निगम ने हटाए यूनिपोल
नगर निगम प्रशासन ने मेयर के मैदान में उतरने से पहले शुक्रवार को यूनिपोल हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने जगजीतपुर क्षेत्र में हाइवे से छह यूनिपोल और दो होर्डिंग हटवाए। यूनिपोल और होर्डिंग को निगम की टीम ने जब्त कर लिया। वहीं अवैध होर्डिंग पर 23 लोगों को नोटिस भी जारी किया गया है। मेयर अनीता शर्मा ने स्वयं मौके पर जाकर कार्रवाई का जायजा लिया।
शनिवार को नगर निगम की टीम हाईड्रा और लोडर लेकर जगजीतपुर पुलिस चौक के पास पहुंची। टीम ने यहां एक के बाद एक छह यूनीपोल और दो होर्डिंग हटाए। यूनिपोल और होर्डिंग हटाने का किसी ने भी विरोध नहीं किया। मेयर ने अधिकारियों को चालान और वसूली की कार्रवाई के भी निर्देश दिए। इसके बाद निगम यूनिपोल को लोडर में डालकर ले गई। टीम में सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद, कर एवं राजस्व अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट, वरिष्ठ लिपिक अखिलेश शर्मा, कर एवं राजस्व निरीक्षक नाथीराम आदि शामिल रहे।
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मेयर ने दिए चालान और शुल्क वसूली के निर्देश
मेयर अनीता शर्मा ने नगर आयुक्त को यूनिपोल को हटाने के साथ संबंधित फर्म पर चालान की कार्रवाई और राजस्व वसूली के निर्देश दिए है। मेयर ने ने नगर आयुक्त को फर्मों की सूची और कार्रवाई की जानकारी तीन दिवस में उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। मेयर ने कहा कि निर्देशों को लेकर लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
विज्ञापन होर्डिंग कंपनी ने पिछले अनुबंध की निर्धारित धनराशि के भुगतान में आनाकानी शुरू कर दी थी। मेयर और पार्षद तब से ही कंपनी के विरोध में थे। हालांकि मामला न्यायालय जाने के बाद निगम को कंपनी को भुगतान में छूट देनी पड़ी। मेयर ने इस दौरान निगम के अधिकारियों और कंपनी के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए थे।
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मेयर अनीता शर्मा ने बताया कि दूसरी बार होर्डिंग विज्ञापन के लिए छह बार टेंडर निकाला गया। पहले सैफ्रोन कंपनी के नाम से टेंडर खुला, लेकिन कंपनी तीन कार्यदिवस में धरोहर धनराशि जमा नहीं करवा पाई। इसके बाद एल टू मिडास इंफ्राट्रेक लिमिटेड थी और ठेका कंपनी को मिल गया।
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मेयर ने बताया कि उन्होंने नगर आयुक्त को अवैध होर्डिंग को लेकर कंपनी पर कार्रवाई के लिए 15 पत्र लिखे। इसके बाद निगम प्रशासन ने कार्रवाई नहीं है। उन्होंने बताया कि अब एक बार फिर सोची समझी योजना के तहत के कंपनी को बचाने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा निगम बिना चिह्निकरण के लिए यूनिपोल हटा रहा है। कहा निगम यूनिपोल लगाने वालों का चालान भी नहीं कर रहा है। ऐसे में दो साल के समय में 1.72 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है, उसकी वसूली कैसे होगी।
मेयर अनीता शर्मा ने कि नगर निगम मिडास इंफ्राट्रेक कंपनी से ही पूछ रहा कि उनके कितने यूनिपोल हैं। मेयर ने कहा कि चिन्हीकरण, वूसली और चालान का काम साथ होना चाहिए। कहा कि अगर ऐसा न हुआ तो कंपनी अक्तूबर में साफ निकल जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर निगम के नुकसान की पूर्ति नहीं हुई तो वह शासन से मामले की जांच की मांग करेगी।
मेयर के मैदान में उतरने से पहले निगम ने हटाए यूनिपोल
नगर निगम प्रशासन ने मेयर के मैदान में उतरने से पहले शुक्रवार को यूनिपोल हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने जगजीतपुर क्षेत्र में हाइवे से छह यूनिपोल और दो होर्डिंग हटवाए। यूनिपोल और होर्डिंग को निगम की टीम ने जब्त कर लिया। वहीं अवैध होर्डिंग पर 23 लोगों को नोटिस भी जारी किया गया है। मेयर अनीता शर्मा ने स्वयं मौके पर जाकर कार्रवाई का जायजा लिया।
शनिवार को नगर निगम की टीम हाईड्रा और लोडर लेकर जगजीतपुर पुलिस चौक के पास पहुंची। टीम ने यहां एक के बाद एक छह यूनीपोल और दो होर्डिंग हटाए। यूनिपोल और होर्डिंग हटाने का किसी ने भी विरोध नहीं किया। मेयर ने अधिकारियों को चालान और वसूली की कार्रवाई के भी निर्देश दिए। इसके बाद निगम यूनिपोल को लोडर में डालकर ले गई। टीम में सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद, कर एवं राजस्व अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट, वरिष्ठ लिपिक अखिलेश शर्मा, कर एवं राजस्व निरीक्षक नाथीराम आदि शामिल रहे।
मेयर ने दिए चालान और शुल्क वसूली के निर्देश
मेयर अनीता शर्मा ने नगर आयुक्त को यूनिपोल को हटाने के साथ संबंधित फर्म पर चालान की कार्रवाई और राजस्व वसूली के निर्देश दिए है। मेयर ने ने नगर आयुक्त को फर्मों की सूची और कार्रवाई की जानकारी तीन दिवस में उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। मेयर ने कहा कि निर्देशों को लेकर लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।