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अनाधिकृत लोगों से कार्ड बंटवाने में कर्मचारी पर गाज
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हरिद्वार। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के संपत्ति कार्ड अनधिकृत लोगों से बांटने की ऑडियो वायरल होने के मामले में कर्मचारी पर गाज गिर गई है। उसे हटाकर बाढ़ राहत कार्य में लगा दिया गया है। वहीं, मामले में हल्का लेखपाल की भूमिका की जांच जारी है।
रुड़की तहसील क्षेत्र के एक पटवारी और ग्रामीण के बीच संपत्ति कार्ड वितरण को लेकर हुई बातचीत की ऑडियो 22 जुलाई को सोशल मीडिया में वायरल हो गई थी। इसमें ग्रामीण पटवारी को पूर्व प्रधान से संपत्ति कार्ड बंटवाने का विरोध करता दिख रहा है। ग्रामीण पटवारी से कार्ड के नाम पर भी सौ-सौ रुपये वसूलने की शिकायत कर रहा है, जबकि शुल्क 20 रुपये है। साथ ही कह रहा है कि या तो वह स्वयं घर-घर जाकर कार्ड बांटे, अन्यथा उन्हें सभी ग्रामीणों के कार्ड दिए जाएं। वह सभी को मुफ्त में कार्ड देंगे। मामले की शिकायत करने के लिए ग्रामीण ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की का नंबर भी मांग रहा है। ऑडियो वायरल होने पर एडीएम केके मिश्रा ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को प्रकरण कर जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। अब संपत्ति कार्ड वितरण करने वाले सहायक संग्रम अमीन पर कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से गांव से हटा दिया गया है। तहसीलदार रुड़की मुकेश चंद रमोला का कहना है कि संपत्ति कार्ड अनधिकृत लोगों से बंटवाए जाने और ऑडियो की अभी जांच चल रही है। अगर इसमें पटवारी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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रुड़की तहसील क्षेत्र के एक पटवारी और ग्रामीण के बीच संपत्ति कार्ड वितरण को लेकर हुई बातचीत की ऑडियो 22 जुलाई को सोशल मीडिया में वायरल हो गई थी। इसमें ग्रामीण पटवारी को पूर्व प्रधान से संपत्ति कार्ड बंटवाने का विरोध करता दिख रहा है। ग्रामीण पटवारी से कार्ड के नाम पर भी सौ-सौ रुपये वसूलने की शिकायत कर रहा है, जबकि शुल्क 20 रुपये है। साथ ही कह रहा है कि या तो वह स्वयं घर-घर जाकर कार्ड बांटे, अन्यथा उन्हें सभी ग्रामीणों के कार्ड दिए जाएं। वह सभी को मुफ्त में कार्ड देंगे। मामले की शिकायत करने के लिए ग्रामीण ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की का नंबर भी मांग रहा है। ऑडियो वायरल होने पर एडीएम केके मिश्रा ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को प्रकरण कर जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। अब संपत्ति कार्ड वितरण करने वाले सहायक संग्रम अमीन पर कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से गांव से हटा दिया गया है। तहसीलदार रुड़की मुकेश चंद रमोला का कहना है कि संपत्ति कार्ड अनधिकृत लोगों से बंटवाए जाने और ऑडियो की अभी जांच चल रही है। अगर इसमें पटवारी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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