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उत्तर से दक्षिण में पहुंचेगा ज्ञान का रथ
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 15 May 2017 09:59 PM IST
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देव संस्कृति दिग्विजय अभियान के अंतर्गत शांतिकुंज की ओर से आंध्रप्रदेश के गुंटूर जिले में अगले साल 5 से 8 जनवरी तक अश्वमेध यज्ञ कराया जाएगा। इस बारे में शक्ति कलश लेने और अन्य तैयारियों के बारे में आंध्रप्रदेश व तेलंगाना राज्य से 400 से अधिक कार्यकर्त्ता सोमवार को शांतिकुंज पहुंचे। शांतिकुंज प्रमुख डा. प्रणव पंड्या और शैलदीदी ने अश्वमेध महायज्ञ के शक्ति कलश में 2400 तीर्थों के जलरज की प्रतिष्ठा कर विशेष पूजा अर्चना की। उन्होंने इस कलश को दक्षिण राज्यों के समन्वयक अश्विनी सुब्बाराव को सौंपा।
इस दौरान शंतिकुंज प्रमुख डा. पंड्या ने आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों के गांव-गांव और घर-घर गायत्री के सद्विचार को पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में सद्विचार ही लोगों को सही राह दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि गायत्री की उपासना एवं सत्साहित्यों के नियमित अध्ययन के साथ सत्संग करते रहने पर जोर दिया। डा. पंड्या ने कहा कि अश्वमेध महायज्ञ तक आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना राज्य के 10 लाख से अधिक नए परिवारों को जोड़ना है। संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि अश्वमेध महायज्ञ के माध्यम से दक्षिण के राज्यों में सद्विचारों को फैलाना है।
दक्षिण भारत जोन के प्रभारी डा. बृजमोहन गौड़ ने कहा कि शक्तिकलश को घर-घर और गांव-गांव लेकर जाना है। डा. गौड़ ने बताया कि इस दौरान विशाखापत्तनम, विजयनगर, अमलापुरम, श्रीकाकुलम, अनंतपुरम, विजयवाड़ा, गुंटूर, मंगलगिरी, हिंदूपुर, प्रकाशम, नेल्लूर, कर्नूल, वारंगल, एलंदू, करीमनगर, हैदराबाद, सिकंदराबाद, यादगिरी बेल्लारी आदि जिलों सेे आए आये साधक मौजूद रहे। संयोजक अश्विनी सुब्बा राव ने बताया कि अश्वमेध महायज्ञ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों, आंध्रप्रदेश तथा तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों और कई मंत्रियों सहित अनेक लोगों को आमंत्रित किया गया है।
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इस दौरान शंतिकुंज प्रमुख डा. पंड्या ने आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों के गांव-गांव और घर-घर गायत्री के सद्विचार को पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में सद्विचार ही लोगों को सही राह दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि गायत्री की उपासना एवं सत्साहित्यों के नियमित अध्ययन के साथ सत्संग करते रहने पर जोर दिया। डा. पंड्या ने कहा कि अश्वमेध महायज्ञ तक आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना राज्य के 10 लाख से अधिक नए परिवारों को जोड़ना है। संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि अश्वमेध महायज्ञ के माध्यम से दक्षिण के राज्यों में सद्विचारों को फैलाना है।
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दक्षिण भारत जोन के प्रभारी डा. बृजमोहन गौड़ ने कहा कि शक्तिकलश को घर-घर और गांव-गांव लेकर जाना है। डा. गौड़ ने बताया कि इस दौरान विशाखापत्तनम, विजयनगर, अमलापुरम, श्रीकाकुलम, अनंतपुरम, विजयवाड़ा, गुंटूर, मंगलगिरी, हिंदूपुर, प्रकाशम, नेल्लूर, कर्नूल, वारंगल, एलंदू, करीमनगर, हैदराबाद, सिकंदराबाद, यादगिरी बेल्लारी आदि जिलों सेे आए आये साधक मौजूद रहे। संयोजक अश्विनी सुब्बा राव ने बताया कि अश्वमेध महायज्ञ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों, आंध्रप्रदेश तथा तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों और कई मंत्रियों सहित अनेक लोगों को आमंत्रित किया गया है।
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