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Haridwar News: शोध संस्थान की घोषणा से ऋषिकुल के परिवारों को हटाने का डर

Sun, 05 Jul 2026 07:49 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 07:49 PM IST
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The announcement of the research institute has raised fears of the removal of Rishikul families.
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के निर्माण की घोषणा के बाद ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम परिसर में वर्षों से रह रहे 250 परिवारों और 200 व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई है। सोशल मीडिया और समाचारों के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद लोगों को उन्हें हटाए जाने का डर सताने लगा है। कांग्रेस नेताओं ने लोगों को अपना समर्थन दिया है।
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बैठक में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सोम त्यागी और मनोज सैनी ने कहा कि शोध संस्थान के निर्माण का कोई विरोध नहीं है, लेकिन करीब 100 वर्षों से रह रहे परिवारों और व्यापारियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों में यह भ्रम है कि उनके घर और दुकानें हटाकर संस्थान बनाया जाएगा। सरकार को शोध संस्थान के लिए ऋषिकुल मैदान या अन्य उपलब्ध खाली भूमि का चयन करना चाहिए।
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क्षेत्रवासी जवाहर चावला और योगेश, श्याम सिंह ने कहा कि उनके परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। शोध संस्थान का निर्माण हो, लेकिन उन्हें उजाड़ा नहीं जाना चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार को प्रतिनिधिमंडल सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर शोध संस्थान की घोषणा और संभावित विस्थापन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेगा। इस दौरान कमलापति, अभय शर्मा, गगन देशवाल, पूरन सिंह, विभाग त्यागी, मनोज ठाकुर, अमित, टेक बहादुर, कमल सेन, पूसा कोमल आदि मौजूद रहे।
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