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Haridwar News: नई समय सारिणी के विरोध में शिक्षक एसोसिएशन का ज्ञापन
Wed, 08 Apr 2026 07:55 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 08 Apr 2026 07:55 PM IST
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- शिक्षक एसोसिएशन ने भेजा सचिव को ज्ञापन
हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन हरिद्वार ने स्कूलों की नई ग्रीष्मकालीन समय सारिणी का विरोध किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, महामंत्री दर्शन सिंह पंवार और कोषाध्यक्ष राजेश कुमार ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षा सचिव को ज्ञापन भेजकर समय में संशोधन की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान समय सारिणी के अनुसार विद्यालयों का संचालन सुबह 7:45 बजे से दोपहर 2:05 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो उत्तराखंड की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल नहीं है। विशेषकर मैदानी क्षेत्रों में दोपहर 12:30 बजे के बाद अत्यधिक गर्मी और लू चलने लगती है, जिससे बच्चों को थकान, डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कई विद्यालय दूर-दराज स्थित हैं, जहां बच्चों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। दोपहर की गर्मी में घर लौटना उनके लिए कठिन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए एसोसिएशन ने पूर्व की भांति विद्यालय का समय सुबह 7:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रखने की मांग करते हुए नई समय सारिणी पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
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हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन हरिद्वार ने स्कूलों की नई ग्रीष्मकालीन समय सारिणी का विरोध किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, महामंत्री दर्शन सिंह पंवार और कोषाध्यक्ष राजेश कुमार ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षा सचिव को ज्ञापन भेजकर समय में संशोधन की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान समय सारिणी के अनुसार विद्यालयों का संचालन सुबह 7:45 बजे से दोपहर 2:05 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो उत्तराखंड की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल नहीं है। विशेषकर मैदानी क्षेत्रों में दोपहर 12:30 बजे के बाद अत्यधिक गर्मी और लू चलने लगती है, जिससे बच्चों को थकान, डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कई विद्यालय दूर-दराज स्थित हैं, जहां बच्चों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। दोपहर की गर्मी में घर लौटना उनके लिए कठिन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए एसोसिएशन ने पूर्व की भांति विद्यालय का समय सुबह 7:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रखने की मांग करते हुए नई समय सारिणी पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।