फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Shravan Kumar' brought grandfather and mother to pilgrimage

दादा और मां को तीर्थ पर लाया ‘श्रवण कुमार’

Thu, 09 Mar 2017 10:19 PM IST
राजेश शर्मा हरिद्वार
राजेश शर्मा हरिद्वार Updated Thu, 09 Mar 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
अंधे माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर श्रवण कुमार ने तीर्थयात्रा कराई थी। ठीक उसी तर्ज पर यूपी के सीतापुर जिले के पवन कुमार भी अपने बुजुर्ग दादा और विकलांग मां को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार में तीर्थयात्रा कराने आए हैं। बृहस्पतिवार को पवन कुमार ने हरकी पैडी़ पर उन्हें गंगा स्नान कराने के बाद करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित मां मंसा देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना कराई। शुक्रवार को वे चंडीदेवी मंदिर जाने के बाद अपने गांव लेकर जाएंगे।  

सीतापुर जिले के गांव चांदपुर निवासी  रामनरेश के चार बेटों में सबसे बड़ा पवन कुमार बीस साल का है। संवेदनशील पवन ने कुछ दिन पहले अपने 85 साल के दादा बसंतलाल को कंधे पर बैठाकर तीर्थयात्रा कराने की सोची। उसने गांव में ही दो बड़ी टोकरियों वाली कांवड़ तैयार कराई। इसमें एक तरफ दादा और दूसरी तरफ बैलेंस बनाने के लिए उनके वजन के बराबर गेहूं का बोरा भरकर बुधवार को हरिद्वार पहुंचा। इस यात्रा के लिए पवन के पिता राजकुमार, माता जया देवी, तीनों छोटे भाई सूरज, दीपक और करण  तथा गांव के कुछ और लोग भी हरिद्वार आए। यहां आकर पवन कुमार का मन बदल गया। उसकी मां जया देवी विकलांग हैं जो चलकर मंसा देवी तथा चंडी देवी जैसे मंदिरों में दर्शनों के लिए नहीं जा सकती। उसने पिता से बात की और तय किया कि एकतरफ दादा को तथा दूसरी तरफ मां जया देवी को बैठाकर यात्रा करेगा।
विज्ञापन

 बृहस्पतिवार की सुबह पवन साथ आए लोगों के साथ हरकी पैड़ी पहुंचा। सबने वहां मां गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद वह दोनों को कंधे पर उठाकर मंसा देवी मंदिर ले गया जहां सबने देश और दुनिया में शांति के लिए पूजा अर्चना की। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने पवन कुमार का स्वागत किया। जिधर से भी यह आधुनिक श्रवण कुमार गुजरा उसे देखने वालों की भीड़ जुट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक तमन्ना यह भी
पवन ने बेबाकी से बताया कि दादा और मां को तीर्थयात्रा कराकर खुद भी पुण्यलाभ कमाने के साथ-साथ उसकी तमन्ना सुर्खियां बटोरना भी है। बकौल पवन कुमार हर रोज वह अखबारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सपा नेता मुलायम सिंह जैसे नेताओं की तस्वीरें देखता है, तो उसे यह जिज्ञासा होती है कि उसकी भी फोटो मीडिया में आए और उसे भी लोग जानें। इसके लिए वह कोई नेक काम करना चाहता था। काफी सोचने के बाद उसके मन में यह बात आई और उसने दादा को तीर्थयात्रा कराने की सोची। पवन  ने बताया कि उसने अपी दादी महाराजा देवी की अस्थियां भी गंगा में विसर्जित की। पवन के पिता की मानें तो उसने 16 साल पहले मां के निधन के बाद से कुछ अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित करने के लिए एक मटके में अलग निकालकर खेत में पेड़ के नीचे रख हुई थी।


 ऐसा बेटा भगवान सबको दे
 पवन के साथ ही गंगा मैया और देवी देवताओं के नारे लगाते चल रहे उसके पिता राजकुमार अपने बेटे की तारीफ करते नहीं थकते। कहते हैं कि वह खुद भी अपने माता-पिता को तीर्थयात्रा कराना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं करा पाया। उसकी मां महाराजा देवी का 16 साल पहले निधन हो गया थ। अब बेटे ने उसकी मुराद पूरी की जिससे वह बहुत खुश है और कहता है कि भगवान ऐसा बेटा सबको दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed