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छात्रवृत्ति घोटाला : हरिद्वार और देहरादून जिले में अंतिम चरण में पहुंची जांच
Sat, 05 Sep 2020 09:59 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 09:59 AM IST
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हरिद्वार और देहरादून जिले में छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। हाईकोर्ट की सख्ती के चलते एसआईटी अपनी रिपोर्ट देने से पहले नए सिरे से जांच की समीक्षा करने में जुटी है, ताकि किसी तरह की चूक की गुंजाइश ना रहे। दोनों जिलों में 83 मुकदमों में अब तक 123 शिक्षण संस्थानों का आरोपी बनाया है। बड़ी बात यह है कि 45 प्रतिशत के करीब संस्थान संचालक हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे पा चुके हैं।
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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की छात्रवृत्ति के नाम पर हुआ खेल किसी से छिपा नहीं है। घोटाले पर पर्दा डालने की भरसक कोशिश हुई। इसी का नतीजा रहा कि कई साल तक जांच को टालने की भरसक कोशिश हुई। अमर उजाला ने घोटाले को मुद्दा बनाया था तो हरिद्वार और देहरादून जिले में एसआईटी गठित की गई।
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इसी बीच भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की, तब जाकर जांच में तेजी आई। इसके अलावा 11 जिलों में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को आईजी संजय गुंज्याल की अगुवाई में अलग से एसआईटी बनाई गई। दोनों एसआईटी अपने जांच में जुुटी है। एसआईटी ने अभी तक हरिद्वार में 51 और देहरादून में 32 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इनमें करीब 125 शिक्षण संस्थान आरोपी है।
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एसआईटी सूत्रों ने बताया कि दोनों जिलों के 45 प्रतिशत के करीब शिक्षण संस्थान गिरफ्तारी पर स्टे ले चुके हैं। हरिद्वार और देहरादून में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। एसआईटी कई सौ शिक्षण संस्थानों के दस्तावेजों का सत्यापन कर चुकी है।
काफी शिक्षण संस्थान ऐसे भी है, जहां पर किसी तरह की गडबड़ी सामने नहीं आई है। एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट देने से तमाम कमियों को दूर करना चाहती है, इसी लिहाज से पूरी जांच की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है, ताकि आगे चलकर जांच पर किसी तरह की उंगली उठाने का मौका नहीं मिल सके। उधर एसआईटी प्रभारी टीसी मंजूनाथ ने कहा कि छात्रवृत्ति घोटाले की जांच निर्णायक दौर की तरफ बढ़ रही है। एसआईटी लंबित जांचों के निस्तारण में तेजी से जुटी है। पूरी कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।