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Haridwar News: जापान से सिल्वर के साथ लौटीं संगीता राणा

Sat, 12 Jul 2025 11:58 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 11:58 PM IST
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Sangeeta Rana returned with silver from Japan
हरिद्वार। हरिद्वार की संगीता राणा ने जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सिल्वर मेडल जीता। उत्तराखंड राज्य की पहली स्ट्रांग वूमेन के खिताब के साथ उन्होंने अब तब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पांच गोल्ड मेडल हासिल किया है। वहीं, इस बार उन्हें जापान के हिमेजी शहर में दस दिवसीय एशियन अफ्रीकन पैसिफिक मास्टर्स एंड क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व का मौका मिला था।
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बता दें कि 69 किलोग्राम भार वर्ग की बेंच प्रेस इक्विप्ड व क्लासिक दोनों स्पर्धाओं के रजत पदक जीत कर संगीता ने इस बार दोहरी सफलता अर्जित की। इससे न केवल उन्होंने देश और राज्य का नाम रोशन किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय फलक पर खुद की भी एक अलग पहचान बनाई।
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पदक के लिये 80 किलो वजन उठाकर संगीता ने एक स्पर्धा में प्रदर्शन किया। वहीं क्लासिक में उन्होंने 70 किलो वजन उठा कर रजत पदक जीता। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक भारत (महाराष्ट्र) की पावर लिफ्टर को मिला, जबकि, तीसरे स्थान पर आस्ट्रेलिया की प्रतिभागी रही।
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प्रतिभा से नहीं इस बार आर्थिकी से हारी संगीता
बता दें कि इस बार संगीता राणा का चयन जब जापान की प्रतिस्पर्धा के लिए हुआ तो उनके सामने आर्थिकी का संकट सामने आया। दो बच्चों का तकनीकी शिक्षा के लिए प्राइवेट कॉलेजों में प्रवेश ओर एक मात्र पति मुकेश की नौकरी के भरोसे चल रही गृहस्थी में जापान जाना मुश्किल हो गया। उन्हें प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए दो लाख रुपये फेडरेशन में जमा करना पड़ा। इसके अलावा खेल प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए कास्ट्यूम और वीजा के लिए भी पैसे खर्च करने की चुनौती सामने आई। इसमें उनके भाई और पति ने सहयोग किया और संगीता को किसी भी कीमत पर मनोबल हारने नहीं दिया। रानीपुर के टिहरी विस्थापित काॅलोनी निवासी संगीता वर्तमान में अपने खेल को बढ़ावा देने के साथ-साथ तमाम बालक-बालिकाओं व युवा खिलाड़ियों को भी पावरलिफ्टिंग के गुर सिखा रही हैं। इसके साथ ही वह अपने दो पुत्रों के साथ पति मुकेश राणा की देखभाल करती हैं। सिडकुल स्थित एक औद्योगिक कंपनी में मानव संसाधन में कार्यरत पति उनके हर कदम में सहयोग कर रहे हैं। उनका बड़ा बेटा बास्केटबॉल खेलता है, जबकि छोटा ताइक्वांडो खिलाड़ी है।

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
आर्थिकी से परेशान संगीता के सिल्वर मेडल लेकर लौटने पर शनिवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने माता मनसा देवी की चुंदरी और चित्र भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अगली किसी स्पर्धा में वह संगीता राणा को हर संभव मदद देंगे। इसके साथ ही उन्होंने पॉवर लिफ्टिंग खेल को ओलंपिक में शामिल कराने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय खेल मंत्रालय तक पैरवी करने का भी आश्वासन दिया। संगीता ने बताया वह खेल मंत्री से लेकर हर दरवाजे पर गईं, लेकिन उन्हें मदद कहीं नहीं मिली। इस बात की मलाल उन्हें मेडल जीतने के बाद भी है।
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