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जेल में भी कहूंगा साईं भगवान नही: शंकराचार्य
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:05 AM IST
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हरिद्वार। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि चाहे उन्हें जेल भी हो जाए, लेकिन जेल में भी यहीं कहेंगे की साईं भगवान नहीं है।
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28 जून को साईं को भगवान न मानने के बयान के मामले में शंकराचार्य के खिलाफ शिरड़ी ट्रस्ट की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। बृहस्पतिवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में स्वामी स्वरूपानंद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह केस दर्ज होने के बाद न तो तारीख में जाएंगे और न ही इससे जुड़े किसी मामले में कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि हैदराबाद निवासी रमनानंद ने शास्त्रार्थ की चुनौती दी थी। हमने अपना प्रतिनिधि भेजा तो उसे हनुमाननगर में कमरे में बंद कर दिया गया। चारों ओर पुलिस को बैठा दिया गया है। उसे आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। कहा कि शिरड़ी में सभी साईं के भक्त नहीं रहते हैं। सनातन धर्म के लोग भी शिरड़ी में विराजमान है।
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हमारे ऊपर ही मुकदमा क्यों
शंकराचार्य ने साईं ट्रस्ट द्वारा किए गए मुकदमे में सवाल उठाते हुए कहा हि पूरे प्रकरण में मुझ पर ही निशाना साधा जा रहा है जबकि 24 अगस्त को उज्जैन में हुई धर्म संसद में साईं को भगवान न मानने का प्रस्ताव जब पारित किया गया तो चारों पीठ के शंकराचार्यों के प्रतिनिधि, 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, काशी विद्या परिषद से जुडे़ लोगों समेत कई साधु संत मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम अकेले नहीं है हमारे साथ पूरा हिंदू समाज है। कहा कि सब उनके खिलाफ है।
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दलित कोई जाति नहीं
उन्होंने कहा कि दलित समाज के अंग है, दलित कोई जाति नहीं है। एक ही जाति का व्यक्ति एक जगह दलित है तो दूसरी जगह दलित नहीं है। बहुत सी जातियां है जो एक जगह सामान्य मानी जाती है तो कहीं दलित मानी जाती हैं।
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संत कवि तिरुवल्लुवर की मूर्ति लगाने पर भाजपा अपना राजनीति लाभ सिद्घ करना चाहती है। कहा कि भाजपा प्रदेश में अशांति उत्पन्न करना चाहती है। कहा कि दक्षिण भारत के लोग यहां धर्म के लिए आते हैं न की कवि के लिए। कवि की मूर्ति वहां लगनी चाहिए जहां उनका जन्म हुआ।