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रेट्रो साइलेंसरों की कानफोडू आवाज से मिलेगी राहत
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मोडिफाइड और रेट्रो साइलेंसर वाली बाइक के खिलाफ पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद हरिद्वार पुलिस ने पहले ही दिन पांच बुलेटों को सीज किया गया और 15 बुलेट व बाइकों का चालान किया गया। यह अभियान 15 दिन चलेगा।
ट्रैफिक मुख्यालय के आदेश पर प्रदेशभर में शुक्रवार से 15 दिनों का अभियान रेट्रो व मोडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट व अन्य वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है। आदेश प्राप्त होने के बाद हरिद्वार यातायात पुलिस भी शुक्रवार को सड़कों पर उतरी और बुलेट व बाइकों की चेकिंग की। इस दौरान पांच बुलेट बाइकों में लगे मोडिफाइड व रेट्रो साइलेंसरों को उतरवाया गया और उनको सीज कर दिया गया। 15 अन्य दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। बता दें कि चारधाम यात्रा के दौरान दो पहिया वाहन पर जाने वाले यात्री अपनी बाइकों में मोडिफाईड व रेट्रो साइलेंसरों का इस्तेमाल करते हैं। जिससे कई बार लोगों को परेशानी होती है। मॉडिफाई साइलेंसर पर मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 194 एफ (बी) तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सुनने की क्षमता कम कर सकता प्रभावित
ध्वनि प्रदूषण को मापने का पैमाना डेसिबल होता है। एक सामान्य व्यक्ति 0 डेसिबल तक की आवाज सुन सकता है। यह पेड़ के पत्तों की सरसराहट के बराबर होती है। सामान्य तौर पर आप और हम जो बातचीत करते हैं वो 60 डेसिबल के आसपास होती है। 100 डेसिबल की आवाज को 15 मिनट तक लगातार सुनने से कान हमेशा के लिए खराब हो सकते हैं। बिजली कड़कने की आवाज 120 डेसिबल और बंदूक चलाने पर निकलने वाली आवाज का लेवल 140 से 190 डेसिबल हो सकता है।
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कंपनी की ओर से लगाए गए साइलेंसर को परिवर्तित करके ध्वनि एवं वायु प्रदूषण करने वाले वाहनों में न बदला जाए अन्यथा वाहन मालिकों/ मैकेनिक/दुकान/गैराज एवं वर्कशाप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है।
- हिमांश कुमार, एसपी ट्रैफिक हरिद्वार
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ट्रैफिक मुख्यालय के आदेश पर प्रदेशभर में शुक्रवार से 15 दिनों का अभियान रेट्रो व मोडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट व अन्य वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है। आदेश प्राप्त होने के बाद हरिद्वार यातायात पुलिस भी शुक्रवार को सड़कों पर उतरी और बुलेट व बाइकों की चेकिंग की। इस दौरान पांच बुलेट बाइकों में लगे मोडिफाइड व रेट्रो साइलेंसरों को उतरवाया गया और उनको सीज कर दिया गया। 15 अन्य दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। बता दें कि चारधाम यात्रा के दौरान दो पहिया वाहन पर जाने वाले यात्री अपनी बाइकों में मोडिफाईड व रेट्रो साइलेंसरों का इस्तेमाल करते हैं। जिससे कई बार लोगों को परेशानी होती है। मॉडिफाई साइलेंसर पर मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 194 एफ (बी) तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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सुनने की क्षमता कम कर सकता प्रभावित
ध्वनि प्रदूषण को मापने का पैमाना डेसिबल होता है। एक सामान्य व्यक्ति 0 डेसिबल तक की आवाज सुन सकता है। यह पेड़ के पत्तों की सरसराहट के बराबर होती है। सामान्य तौर पर आप और हम जो बातचीत करते हैं वो 60 डेसिबल के आसपास होती है। 100 डेसिबल की आवाज को 15 मिनट तक लगातार सुनने से कान हमेशा के लिए खराब हो सकते हैं। बिजली कड़कने की आवाज 120 डेसिबल और बंदूक चलाने पर निकलने वाली आवाज का लेवल 140 से 190 डेसिबल हो सकता है।
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कंपनी की ओर से लगाए गए साइलेंसर को परिवर्तित करके ध्वनि एवं वायु प्रदूषण करने वाले वाहनों में न बदला जाए अन्यथा वाहन मालिकों/ मैकेनिक/दुकान/गैराज एवं वर्कशाप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है।
- हिमांश कुमार, एसपी ट्रैफिक हरिद्वार