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राम ने सुग्रीव की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ
hridwar uttrakhanda india
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:39 AM IST
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रामलीला के मंच पर बुधवार की रात कई दृश्यों का मंचन किया गया। रामनगर कालोनी ज्वालापुर की रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता व बाली वध का प्रभावी मंचन हुआ। भगवान राम और लक्ष्मण सीता की खोज में जंगल-जंगल घूमते हुए सुग्रीव के राजमहल पहुंचे। सुग्रीव को भगवान राम के आने की सूचना वीर हनुमान ने दी। इस तरह राम का हनुमान से मिलन हुआ।
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सुग्रीव से राम की मित्रता हनुमान ने कराई और सुग्रीव ने भगवान राम को सीता माता की खोज में पूरी सहायता करने का आश्वासन दिया। रावण को सबक सिखाने का वीर हनुमान ने निश्चय किया। कई और दृश्य मंचित किए गए। भगवान राम की भूमिका भरत शर्मा उर्फ नानू, लक्ष्मण की भूमिका धीरज शर्मा, सुग्रीव की भूमिका सागर अरोड़ा, बाली की भूमिका राजकुमार अरोडा ने निभाई। हनुमान का प्रभावशाली अभिनय तरुण शर्मा ने किया। वहीं मंच संचालन देवेंद्र ब्रहम विन्नी पंडित ने किया। उत्तराखंड महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष संतोष चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक मदन कौशिक ने संयुक्त रूप से लीला का उद्घाटन किया।
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दूसरी ओर हरिद्वार की रामलीला में राम-भरत मिलाप के दृश्य पर दर्शक भावुक हो गए। पंचवटी में राम और लक्ष्मण को रिझाने के लिये सूर्पनखा ने सात स्वरूपों का सृजन कर दर्शकों को दाद देने केे लिये मजबूर कर दिया। कई और दृश्यों का भी मंचन किया गया।
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भरत के रूप में संजीव गिरि तथा शत्रुघ्न के रूप में रंगमंच पर प्रथम प्रस्तुति देने वाले बाल कलाकार निश्चय सहगल, राम के रूप में साहिल मोदी, लक्ष्मण-सुनील बिट्टू तथा सीता के रूप में मोहित ने बनवासी जीवन का आदर्श प्रस्तुत किया। सूर्पनखा के रूप में अंकित तिवारी, हरी तथा मोना एवं कोमल ने नृत्य एवं व्यंग्य की शैली का मार्मिक प्रदर्शन किया जबकि सूर्पनखा के भयंकर रूप को रामलीला के सबसे पुराने कलाकार हरी ने दर्शकों के चेहरों को प्रसन्नता के भावों से भर दिया।