{"_id":"5759ba164f1c1b23379c5e2b","slug":"railways-into-two-departments-embattled","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे के दो विभागों में ठनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे के दो विभागों में ठनी
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Fri, 10 Jun 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। रेलवे स्टेशन पर दो विभाग में सामंजस्य न होने से वे आमने-सामने आ गए हैं। बृहस्पतिवार को रेलवे के एक विभाग ने दूसरे विभाग को बिजली देने से मना कर दिया। अंत में स्टेशन अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद कार्य को शुरू कराया गया।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार से वेटिंग रूम पर बैंच लगाने का कार्य शुरू किया गया। इस बीच कार्य कर रहे कार्य एवं अनुरक्षण अभियंत्रण विभाग को रेलवे के ही विद्युत विभाग उत्तर रेलवे ने बिजली देने से मना कर दिया। इसके बाद करीब चार घंटे तक वेटिंग रूम बनाने का कार्य को रोकना पड़ा।
विज्ञापन
पिछले दिनों राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने रेलवे स्टेशन हरिद्वार को अपनी निधि से दो करोड़ रुपये की धनराशि दी थी। इसमें यात्रियों के लिए रैन बसेरा और रेलवे के वेटिंग रूम में 18 लाख की लागत से 50 बैंच लगने हैं। बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन के पुराने बुकिंग हाल में वेटिंग रूम बनाने का कार्य शुरू किया गया। इस बीच बैंच लगाने का कार्य कर रहे कार्य एवं अनुरक्षण अभियंत्रण विभाग द्वारा बैंचों के लिए रेलवे की बिजली यूज में लाई जाने लगी। इसकी सूचना मिलते ही सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत नवनीत सक्सेना ने बिजली देेने से मना कर दिया। जिस पर करीब चार घंटे तक कार्य रोकना पड़ा। इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी गई। इसके बाद स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने हस्तक्षेप कर मामला निपटाया।
विज्ञापन
सांसद निधि द्वारा 50 बैंचों को वेटिंग रूम बनाने का कार्य किया जा रहा था। विद्युत विभाग ने बिजली देने से मना कर दिया। बाद में एसएस एमके सिंह ने बिजली दिला दी।
डीएस रावत, सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य एवं अनुरक्षण विभाग।