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काली फीती, काली टोपी-मास्क पहनकर विरोध प्रदर्शन
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी ।
- फोटो : HARIDWAR
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हरिद्वार। पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के आह्वान पर चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शुक्रवार को काला फीता और काला मास्क एवं काली टोपी पहनकर प्रदर्शन किया।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन प्रदेश सचिव महावीर चौहान के नेतृत्व में कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाली नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। फार्मेसिस्ट संवर्ग से डॉ. रविंद्र चौहान, कमलेश कुमार, सुरेश चंद्र और मूलचंद चौधरी ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों के साथ हमेशा से अन्याय होता आया है। कोरोना महामारी में कर्मचारियों, अधिकारियों ने खुद की और परिवार की परवाह किए बगैर कोविड मरीजों का इलाज किया, लेकिन सरकार ने उनकी अनदेखी की।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और प्रदेश ऑडिटर महेश कुमार ने कहा कि संघ हमेशा से ठेका और संविदा प्रथा का विरोध करता रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में कार्यरत कर्मी रवि की दुर्घटना में मौत होने से उसका परिवार असहाय हो गया। सरकारी सेवा में कम से कम मृतक आश्रित में सेवा और पेंशन का प्रावधान था, जिसे सरकार ने खत्म कर दिया है। मृतक परिवार को 20 लाख का मुआवजा दिया जाए और पत्नी को उसकी जगह सेवा में लिया जाए। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज वर्मा, अध्यक्ष सुरेश बेलवाल, उपाध्यक्ष प्रदीप मौर्य, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राजेंद्र तेश्वर, जिला मंत्री राकेश भंवर, डॉ. रविंद्र चौहान और नरेंद्र चौहान समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन प्रदेश सचिव महावीर चौहान के नेतृत्व में कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाली नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। फार्मेसिस्ट संवर्ग से डॉ. रविंद्र चौहान, कमलेश कुमार, सुरेश चंद्र और मूलचंद चौधरी ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों के साथ हमेशा से अन्याय होता आया है। कोरोना महामारी में कर्मचारियों, अधिकारियों ने खुद की और परिवार की परवाह किए बगैर कोविड मरीजों का इलाज किया, लेकिन सरकार ने उनकी अनदेखी की।
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प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और प्रदेश ऑडिटर महेश कुमार ने कहा कि संघ हमेशा से ठेका और संविदा प्रथा का विरोध करता रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में कार्यरत कर्मी रवि की दुर्घटना में मौत होने से उसका परिवार असहाय हो गया। सरकारी सेवा में कम से कम मृतक आश्रित में सेवा और पेंशन का प्रावधान था, जिसे सरकार ने खत्म कर दिया है। मृतक परिवार को 20 लाख का मुआवजा दिया जाए और पत्नी को उसकी जगह सेवा में लिया जाए। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज वर्मा, अध्यक्ष सुरेश बेलवाल, उपाध्यक्ष प्रदीप मौर्य, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राजेंद्र तेश्वर, जिला मंत्री राकेश भंवर, डॉ. रविंद्र चौहान और नरेंद्र चौहान समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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