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प्रयाग में प्रस्ताव पास, क्या खुलेगा संतों की हत्या-लापता का राज
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए और लापता हुए संतों की सीबीआई जांच करवाने के लिए राज्य सरकारों पर दबाव बनाएगा। इसके लिए संबंधित राज्यों की हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की जाएगी। प्रयागराज में अखाड़ा परिषद की बैठक में संतों ने सीबीआई जांच कराने का प्रस्ताव पारित किया है। इससे हरिद्वार समेत देश के दूसरे राज्यों में संतों की मौत और लापता होने के रहयस्य से भी पर्दा उठने की उम्मीद जगी है। हरिद्वार में बीते तीन दशकों में 22 संत साजिशों का शिकार हुए हैं। इनमें कई चर्चित मामले भी हैं।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद संपत्ति एवं कुर्सी के विवाद को लेकर कई सवाल खड़े हुए। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का षोड़शी से पहले ही कुर्सी के लिए अखाड़ों में खींचतान शुरू हो गई। नतीजन अखाड़ों की राजनीति से परिषद में दो फाड़ हो गए। 21 अक्तूबर को महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहमंत रविंद्रपुरी के नेतृत्व में हरिद्वार में नई कार्यकारिणी घोषित हो गई। सात अखाड़ों के समर्थन से महानिर्वाणी के श्रीमहंत रविंद्रपुरी अध्यक्ष बन गए। सात अखाड़ों में निर्मल अखाड़े में विभाजन हो गया और एक गुट ने मौजूदा परिषद का कार्यकारिणी को समर्थन दे दिया।
अखाड़ा परिषद की मौजूदा कार्यकारिणी के अध्यक्ष के रिक्त पद पर सोमवार को प्रयागराज में श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी की ताजपोशी हो गई। इसमें सात अखाड़े शामिल हुए और बैरागी एक अखाड़े के श्रीमहंत ने पत्र भेजकर समर्थन दे दिया। अखाड़ा परिषद की दो-दो कार्यकारिणी बन गई और दोनों के अध्यक्ष एक ही नाम श्रीमहंत रविंद्रपुरी (महानिर्वाणी) और श्रीमहंत रविंद्रपुरी (श्री निरंजनी) बन गए। प्रयागराज में अखाड़ा परिषद की बैठक में महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि की ओर से देशभर में संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए और लापता संतों की सीबीआई जांच का प्रस्ताव रखा।
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प्रस्ताव को अखाड़ा के पदाधिकारियों एवं संतों ने पारित कर दिया। प्रस्ताव में कहा गया कि देशभर में कई संतों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई और कई लापता हो गए। इनमें से अधिकतर मामलों आज भी नहीं खुल सके। श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि जिन राज्यों में संतों की मौत हुई या लापता हुए हैं उन मामलों की सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकारों पर दबाव बनाया जाएगा। संबंधित राज्यों की हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। अखाड़ा परिषद के इस प्रस्ताव से हरिद्वार के संतों की संदिग्ध मौत और लापता होने के मामलों के खुलासा हो सकते हैं। हरिद्वार में तीन दशकों में 22 संत मारे गए या फिर लापता हो गए। कई मामले चर्चित रहे और देशभर में सुर्खियों में रहे। लेकिन पुलिस जांच में ठोस सबूत नहीं मिलने से खुलासे नहीं हो सके।
अखाड़ा परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष रविंद्रपुरी बताते हैं, श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत की सीबीआई जांच हो रही है। जबकि नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट भी मिला था। लेकिन सीबीआई जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। श्रीमहंत रविंद्रपुरी का कहना है कि अन्य संतों की हत्या और लापता होने के मामलों की सीबीआई जांच होने से कई रहस्य खुल सकते हैं।
बुधवार को हरिद्वार आने का कार्यक्रम टला
अखाड़ा परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी के प्रयागराज से बुधवार को हरिद्वार आने का कार्यक्रम स्थगित हो गया। अध्यक्ष रविंद्रपुरी अब शुक्रवार को हरिद्वार आ सकते हैं। अध्यक्ष रविंद्रपुरी ने बताया कि प्रयागराज के आवश्यक कार्यों के चलते बुधवार को हरिद्वार आने का कार्यक्रम स्थगित हुआ है।
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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद संपत्ति एवं कुर्सी के विवाद को लेकर कई सवाल खड़े हुए। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का षोड़शी से पहले ही कुर्सी के लिए अखाड़ों में खींचतान शुरू हो गई। नतीजन अखाड़ों की राजनीति से परिषद में दो फाड़ हो गए। 21 अक्तूबर को महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहमंत रविंद्रपुरी के नेतृत्व में हरिद्वार में नई कार्यकारिणी घोषित हो गई। सात अखाड़ों के समर्थन से महानिर्वाणी के श्रीमहंत रविंद्रपुरी अध्यक्ष बन गए। सात अखाड़ों में निर्मल अखाड़े में विभाजन हो गया और एक गुट ने मौजूदा परिषद का कार्यकारिणी को समर्थन दे दिया।
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अखाड़ा परिषद की मौजूदा कार्यकारिणी के अध्यक्ष के रिक्त पद पर सोमवार को प्रयागराज में श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी की ताजपोशी हो गई। इसमें सात अखाड़े शामिल हुए और बैरागी एक अखाड़े के श्रीमहंत ने पत्र भेजकर समर्थन दे दिया। अखाड़ा परिषद की दो-दो कार्यकारिणी बन गई और दोनों के अध्यक्ष एक ही नाम श्रीमहंत रविंद्रपुरी (महानिर्वाणी) और श्रीमहंत रविंद्रपुरी (श्री निरंजनी) बन गए। प्रयागराज में अखाड़ा परिषद की बैठक में महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि की ओर से देशभर में संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए और लापता संतों की सीबीआई जांच का प्रस्ताव रखा।
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प्रस्ताव को अखाड़ा के पदाधिकारियों एवं संतों ने पारित कर दिया। प्रस्ताव में कहा गया कि देशभर में कई संतों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई और कई लापता हो गए। इनमें से अधिकतर मामलों आज भी नहीं खुल सके। श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि जिन राज्यों में संतों की मौत हुई या लापता हुए हैं उन मामलों की सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकारों पर दबाव बनाया जाएगा। संबंधित राज्यों की हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। अखाड़ा परिषद के इस प्रस्ताव से हरिद्वार के संतों की संदिग्ध मौत और लापता होने के मामलों के खुलासा हो सकते हैं। हरिद्वार में तीन दशकों में 22 संत मारे गए या फिर लापता हो गए। कई मामले चर्चित रहे और देशभर में सुर्खियों में रहे। लेकिन पुलिस जांच में ठोस सबूत नहीं मिलने से खुलासे नहीं हो सके।
अखाड़ा परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष रविंद्रपुरी बताते हैं, श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत की सीबीआई जांच हो रही है। जबकि नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट भी मिला था। लेकिन सीबीआई जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। श्रीमहंत रविंद्रपुरी का कहना है कि अन्य संतों की हत्या और लापता होने के मामलों की सीबीआई जांच होने से कई रहस्य खुल सकते हैं।
बुधवार को हरिद्वार आने का कार्यक्रम टला
अखाड़ा परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी के प्रयागराज से बुधवार को हरिद्वार आने का कार्यक्रम स्थगित हो गया। अध्यक्ष रविंद्रपुरी अब शुक्रवार को हरिद्वार आ सकते हैं। अध्यक्ष रविंद्रपुरी ने बताया कि प्रयागराज के आवश्यक कार्यों के चलते बुधवार को हरिद्वार आने का कार्यक्रम स्थगित हुआ है।