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...तो हरिद्वार में खुलेगा प्लास्टिक इंजीनियरिंग कालेज
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:43 PM IST
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हरिद्वार। केंद्र सरकार की प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की योजना सिरे चढ़ी तो हरिद्वार में जल्द प्लास्टिक इंजीनियरिंग कालेज स्थापित होगा। उसमें प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की देशव्यापी समस्याओं के समाधान के लिए देश को इंजीनियर मिलेंगे।
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शुक्रवार को ‘प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट’ विषय पर सिडकुल के एक होटल में आयोजित कार्यशाला में केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के संयुक्त सचिव अविनाश जोशी ने हरिद्वार में प्लास्टिक इंजीनियरिंग कालेज खोलने के संकेत दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में प्लास्टिक बनाने के उद्योग भी हैं और यहां प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की समस्या भी सबसे बड़ी है। इसलिए प्लास्टिक इंजीनियरिंग कालेज के लिए हरिद्वार उपयुक्त स्थान हो सकता है। इसके लिए विचार विमर्श कर उचित निर्णय लिया जाएगा। कार्यशाला में मेयर मनोज गर्ग, सिडकुल के उद्योगपतियों, प्लास्टिक उद्योग में काम करने वाले कामगारों ने भी भाग लिया।
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एनजीटी पहले ही सख्त
हरिद्वार। सराय गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के तहत कंपोस्टिंग प्लांट का निर्माण कार्य जोरशोर से चल रहा है। इसके चालू होते ही नगर निगम क्षेत्र में घर-घर से जैविक-अजैविक कचरा पृथकीकरण का काम शुरू हो जाएगा। उसके बाद प्लास्टिक कचरा डिस्पोज करना सबसे बड़ी समस्या होगी। हरिद्वार में एनजीटी पहले ही प्लास्टिक के कचरे को लेकर सख्त है। इंजीनियरिंग कालेज खुलता है तो इस कचरे का तो निस्तारण होगा ही गंगा भी प्रदूषित होने से बचेगी।
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