{"_id":"5f299eb28ebc3eaae1201ad8","slug":"people-on-the-road-to-lift-the-ban-haridwar-news-drn352172880","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाबंद क्षेत्र के लोग उतरें सड़क पर, आश्वासन पर लौटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाबंद क्षेत्र के लोग उतरें सड़क पर, आश्वासन पर लौटे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। सिडकुल क्षेत्र से लगे नवोदय नगर के पाबंद लोगों का सब्र आखिर टूट गया। पाबंदी हटाने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और प्रशासन की लापरवाही के प्रति नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि इलाके पाबंद को पाबंद करने के बाद उनकी सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पूरे इलाके को पाबंद करने से नौकरी पेशा लोग काम नहीं जा पा रहे। पुलिस ने बैरियर लगाकर लोगों को रोका। सूचना पर पहुंचे एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने लोगाें को आश्वासन दिया कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगकर पूरे क्षेत्र के बजाय ऐसी गलियों को ही पाबंद किया जाएगा जहां कोरोना के मरीज सामने आए हैं। इसके बाद ही लोग शांत हुए और अपने घरों को चले गए।
सिडकुल की औद्योगिक इकाइयों में कोरोना के मरीजों के 600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 50 से अधिक संक्रमित नवोदय नगर के रहने वाले हैं। मरीजों को होटलों में बनाए कोविड केयर सेंटरों में भर्ती कर दिया था। प्रशासन ने पूरे नवोदय नगर को पाबंद कर दिया। इससे क्षेत्र की करीब 15 हजार की आबादी सरकारी बंदिशों के चलते हुए घरों में कैद हो गई। अब 15 दिनों में लोगों की समस्या बढ़ने लगी और जरूरत के सामान भी समाप्त हो गए। क्षेत्र में अधिकांश लोग सिडकुल की कंपनियों में नौकरी करते हैं। अब 15 दिनों से घरों में बंद रहने से नौकरी खत्म होने का डर सताने लगा है। मंगलवार को गुस्साए लोग नवोदय नगर चौराहे पर आ गए। पहले से ही तैनात पुलिस ने उन्हें बैरियर लगाकर रोक लिया। सिडकुल थानाध्यक्ष एलएस बुटोला मय पुलिस बल पहुंचे। उनके समझाने पर लोग नहीं माने। सूचना मिलने पर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान पहुंचे।
------------
नवोदय नगर में अधिकांश मोहल्लों, गलियों में कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले आने पर पूरे क्षेत्र को पाबंद कर दिया था। अब लेखपाल को पूरे क्षेत्र की विस्तार से रिपोर्ट मांगी गई है, जिन गलियों या मोहल्लों में मरीजों के मामले नहीं होंगे उनकी पाबंदी हटा दी जाएगी, साथ ही तिराहे को मुक्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
- गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम।
विज्ञापन
सिडकुल की औद्योगिक इकाइयों में कोरोना के मरीजों के 600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 50 से अधिक संक्रमित नवोदय नगर के रहने वाले हैं। मरीजों को होटलों में बनाए कोविड केयर सेंटरों में भर्ती कर दिया था। प्रशासन ने पूरे नवोदय नगर को पाबंद कर दिया। इससे क्षेत्र की करीब 15 हजार की आबादी सरकारी बंदिशों के चलते हुए घरों में कैद हो गई। अब 15 दिनों में लोगों की समस्या बढ़ने लगी और जरूरत के सामान भी समाप्त हो गए। क्षेत्र में अधिकांश लोग सिडकुल की कंपनियों में नौकरी करते हैं। अब 15 दिनों से घरों में बंद रहने से नौकरी खत्म होने का डर सताने लगा है। मंगलवार को गुस्साए लोग नवोदय नगर चौराहे पर आ गए। पहले से ही तैनात पुलिस ने उन्हें बैरियर लगाकर रोक लिया। सिडकुल थानाध्यक्ष एलएस बुटोला मय पुलिस बल पहुंचे। उनके समझाने पर लोग नहीं माने। सूचना मिलने पर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान पहुंचे।
विज्ञापन
------------
नवोदय नगर में अधिकांश मोहल्लों, गलियों में कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले आने पर पूरे क्षेत्र को पाबंद कर दिया था। अब लेखपाल को पूरे क्षेत्र की विस्तार से रिपोर्ट मांगी गई है, जिन गलियों या मोहल्लों में मरीजों के मामले नहीं होंगे उनकी पाबंदी हटा दी जाएगी, साथ ही तिराहे को मुक्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
- गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम।