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राजस्व मुकदमों को समय से निस्तारण करें अधिकारी : डीएम
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राजस्व वाद और जन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए हैं। शुक्रवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने कहा कि राजस्व वाद के लंबित होने से ही तमाम तरह के विवाद उपजते हैं। उन्होंने कहा कि फरियादी जो भी जिस अधिकारी के पास आए उसे गंभीरता से लेना चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को पूरे धैर्य व शालीनता से सुनकर उनका सरलीकरण, समाधान और निस्तारण करना होगा। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के लिए जनता को अतिरिक्त समय भी दिया जाए, ताकि जनता को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने न पड़े।
राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उप जिलाधिकारी तथा तहसीलदार कोर्ट अपने न्यायिक कार्य को भी जन सुनवाई के बाद प्राथमिकता में शामिल करें। एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वाद को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करना सुनिश्चित करने से ही कोर्ट को राहत मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी वाद में अपने समयाभाव में अग्रिम तारीख देने की अवधारणा को बदलना होगा।
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समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व वसूली के संबंध में भी रिपोर्ट मांगी और समय से लक्ष्य के सापेक्ष कार्य को पूरा करने के लिए निर्देशित किए।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पीएल शाह, दीपेन्द्र सिंह नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, एमएनए जितेन्द्र कुमार, उप जिलाधिकारी लक्ष्मीराज चौहान, युक्ता मिश्रा, गोपाल सिंह चौहान समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को पूरे धैर्य व शालीनता से सुनकर उनका सरलीकरण, समाधान और निस्तारण करना होगा। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के लिए जनता को अतिरिक्त समय भी दिया जाए, ताकि जनता को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने न पड़े।
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राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उप जिलाधिकारी तथा तहसीलदार कोर्ट अपने न्यायिक कार्य को भी जन सुनवाई के बाद प्राथमिकता में शामिल करें। एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वाद को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करना सुनिश्चित करने से ही कोर्ट को राहत मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी वाद में अपने समयाभाव में अग्रिम तारीख देने की अवधारणा को बदलना होगा।
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समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व वसूली के संबंध में भी रिपोर्ट मांगी और समय से लक्ष्य के सापेक्ष कार्य को पूरा करने के लिए निर्देशित किए।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पीएल शाह, दीपेन्द्र सिंह नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, एमएनए जितेन्द्र कुमार, उप जिलाधिकारी लक्ष्मीराज चौहान, युक्ता मिश्रा, गोपाल सिंह चौहान समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।