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Haridwar News: पतंजलि के गुरुकुलम में संस्कृत छात्र भी बनेंगे आयुर्वेदाचार्य

Wed, 23 Sep 2026 07:16 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 07:16 PM IST
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Sanskrit students will also become Ayurvedacharyas.
फोटो :
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- स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने संस्थान की स्थापना के पीछे उद्देश्यों को लेकर बताई योजना
- आयुष मंत्री मदन कौशिक ने जीवन जीने की कला सिखाने वाला केंद्र बताया
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। हरिद्वार के औरंगाबाद गांव में विश्व के पहले आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन किया गया। विश्व आयुर्वेद दिवस पर इसका शुभारंभ किया गया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण संस्कृत के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई योजना है, जिसमें गुरुकुलम् से अब संस्कृत के विद्यार्थी भी सीधे बीएएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर आयुर्वेदाचार्य बन सकेंगे।
स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि योगपीठ ने विश्व आयुर्वेद दिवस पर यह गुरुकुल स्थापित कर आयुर्वेद को नई प्रतिष्ठा दी है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में आयुर्वेद की प्रतिष्ठा का हमारा संकल्प सिद्धि तक प्राप्त होगा। स्वामी रामदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की, जिससे संस्कृत के विद्वान भी आयुर्वेदाचार्य बन सकेंगे।
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आचार्य बालकृष्ण ने इसे भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से पूरे विश्व को एक देन बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्कृत और सनातन की जड़ों से जुड़ी उनकी भावना को प्रदर्शित करने का सबसे बड़ा उदाहरण बनेगा। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि केंद्र सरकार ने संस्कृत के विद्यार्थियों को आयुर्वेदिक चिकित्सक बनने का अवसर दिया है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने मिलकर बीएएमएस पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है।
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आयुष मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पतंजलि ने भारत सरकार की घोषणा के तुरंत बाद इस कार्य को धरातल पर उतारा है। गुरुकुलों के महत्व पर अब जोर दिया जा रहा है। उन्होंने गुरुकुल को केवल किताबी ज्ञान नहीं बल्कि इसे जीवन जीने की कला और चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर संस्थान बताया। आयुष मंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण पर भी बल दिया जाए यही वास्तविक परंपरा है।
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