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मैदान ही नहीं आकाश में भी होगी चुनावी जंग
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पतंगों की खरीदारी करते बच्चे ।
- फोटो : HARIDWAR
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इस बार चुनावी लड़ाई जमीन ही नहीं आकाश में भी देखने को मिलेगी। विधानसभा चुनाव में एक तरफ जमीन पर राजनीतिक पार्टियों के लोग मतदाताओं को लुभाएंगे तो दूसरी तरफ आसमान में चुनावी सिंबल वाली पतंगें पेंच लड़ाए जाएंगे। मकर संक्रांति पर खूब पतंगबाजी होती है। बाजार में इस बार राजनीतिक दलों के सिंबल से लेकर नेताओं के फोटो वाली पतंगें आई हैं।
धर्मनगरी में एक तरफ मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं होगी तो दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव। दोनों तरफ लोग अपने नेताओं को लड़ाकर लुत्फ उठाने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। मकर संक्रांति पर उड़ाई जाने वाली पतंगों पर राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिह्न व नेताओं की फोटो लगवाने की डिमांड बढ़ गई है। पतंग के बाजार में एक के बाद एक प्रयोग हो रहे हैं।
रंग बिरंगी पतंगों के अलावा अब नेताओं की फोटो व उपलब्धियों का बखान करतीं पतंगें भी बनाई जाने लगी हैं। इस बहाने दोनों ही पार्टियों का खूब प्रचार हो रहा है। ग्रीष्म ऋतु के अलावा मकर संक्रांति पर युवा व बच्चे खूब पतंग उड़ाते हैं। घर-घर में यह शौक आम है। पतंग पर कई प्रयोग भी होते रहे हैं। पतंग बनाने वाले लोगों की भावनाओं व राजनीति के शौक को भी भुनाने में पीछे नहीं हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर इस बार बाजार में स्पाइडर मैन, डोरेमॉन, किसान, भगवा, नए साल 2022, वैलेंटाइन समेत अन्य कई प्रकार की पतंग बाजार में आई हुई है। संवाद
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चीन के धागे पर भारी कोलकाता का धागा
पतंगबाजी को लेकर पहले बाजार में चाइनीज धागा का खूब जलवा रहता था। लेकिन एक-दो साल से बाजार से चीन का धागा गायब है। ज्वालापुर में धागा विक्रेता राजेश कुमार ने बताया कि चीन का धागा बाजार में अब पतंगबाजी के लिए नहीं आ रहा है। बाजार में जो भी धागा बिक रहा है, वह कोलकाता से आ रहा है। कोलकाता का धागा चीन के धागे की अपेक्षा काफी कम दाम के साथ अच्छा होता है। कोलकाता का धागा बाजार मे पांच रुपये प्रति मीटर से शुुरू हो रहा है।
पतंग- रेट
पन्नी की पतंग- 1 रुपया
कागज की पंतग: तीन रुपए से 20 रुपये तक
बड़ी पतंग- 24 रुपए से 100 रुपये तक
सादी रील का गट्टू-1 से 50 रुपये तक
मांझे का गट्टू-200 रुपये से 500 रुपये तक
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धर्मनगरी में एक तरफ मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं होगी तो दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव। दोनों तरफ लोग अपने नेताओं को लड़ाकर लुत्फ उठाने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। मकर संक्रांति पर उड़ाई जाने वाली पतंगों पर राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिह्न व नेताओं की फोटो लगवाने की डिमांड बढ़ गई है। पतंग के बाजार में एक के बाद एक प्रयोग हो रहे हैं।
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रंग बिरंगी पतंगों के अलावा अब नेताओं की फोटो व उपलब्धियों का बखान करतीं पतंगें भी बनाई जाने लगी हैं। इस बहाने दोनों ही पार्टियों का खूब प्रचार हो रहा है। ग्रीष्म ऋतु के अलावा मकर संक्रांति पर युवा व बच्चे खूब पतंग उड़ाते हैं। घर-घर में यह शौक आम है। पतंग पर कई प्रयोग भी होते रहे हैं। पतंग बनाने वाले लोगों की भावनाओं व राजनीति के शौक को भी भुनाने में पीछे नहीं हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर इस बार बाजार में स्पाइडर मैन, डोरेमॉन, किसान, भगवा, नए साल 2022, वैलेंटाइन समेत अन्य कई प्रकार की पतंग बाजार में आई हुई है। संवाद
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चीन के धागे पर भारी कोलकाता का धागा
पतंगबाजी को लेकर पहले बाजार में चाइनीज धागा का खूब जलवा रहता था। लेकिन एक-दो साल से बाजार से चीन का धागा गायब है। ज्वालापुर में धागा विक्रेता राजेश कुमार ने बताया कि चीन का धागा बाजार में अब पतंगबाजी के लिए नहीं आ रहा है। बाजार में जो भी धागा बिक रहा है, वह कोलकाता से आ रहा है। कोलकाता का धागा चीन के धागे की अपेक्षा काफी कम दाम के साथ अच्छा होता है। कोलकाता का धागा बाजार मे पांच रुपये प्रति मीटर से शुुरू हो रहा है।
पतंग- रेट
पन्नी की पतंग- 1 रुपया
कागज की पंतग: तीन रुपए से 20 रुपये तक
बड़ी पतंग- 24 रुपए से 100 रुपये तक
सादी रील का गट्टू-1 से 50 रुपये तक
मांझे का गट्टू-200 रुपये से 500 रुपये तक