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एनजीटी के आदेश को दिखा रहे ठेंगा
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 29 Dec 2016 10:46 PM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों को ठेंगा दिखाकर गंगा को मैला करने का क्रम लगातार जारी है। जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी आदेशों का पालन करवाने के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अब तो हद यह हो गई है कि लोग गंगा घाटों तक ट्रक ले जाने लगे हैं। कई जगह पर गंगा में उतारकर वाहनों की धुलाई हो रही है। झुग्गी बस्ती वाले भी गंगा को मैला कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को कुछ लोग भीमगोडा की ओर से गंगा की अवरिल धारा पर बने कांगड़ाघाट के प्लेटफार्म पर ट्रक लेकर पहुंच गए। कांगड़ा घाट बनने से भीमगोडा रोड के भवनों से गंगाघाट की ओर दुकानें, ढाबे व गौशालाएं बना ली हैं। गोबर के साथ ढाबों की जूठन भी गंगा में डाली जा रही है। श्रृंगेेेरीमठ के पास गंदा पानी 24 घंटे गंगा की अवरिल धारा में बह रहा है। नगर निगम के कूड़ेदान भी घाट पर रखे हुए हैं। कांगड़ा पुल के मोड़ पर अवैध रूप से फोटोग्राफी का धंधा करने वालों और फर्जी संस्थाओं के नाम पर श्रद्धालुओं से दान लेने वाले गिरोह ने अपने दुपहिया वाहनों की पार्किंग बना दिया है। हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के साथ ही मेन रोड पर भी अवैध पार्किंग की जाने लगी है। हरकी पैड़ी के गंगा घाटों पर लगभग 50 स्थानों पर अवैध रूप से फूल, प्लास्टिक की कैनी व पॉलिथीन बेचा जा रहा है। गंगा किनारे गऊघाट पुल के नीचे की जगह पर स्थायी रूप से कब्जा कर लिया गया है। पुल के नीचे टिन व ईंटों की दीवारें खड़ी दुकानों बन चुकी हैं और इन दुकानों से जो गंदगी निकलती है वह गंगा में बहा दी जाती है।
बैठकों से बाहर निकलो साहब
जिला प्रशासन गंगा को निर्मल बनाने और एनजीटी के आदेशों को पालन करने के लिए दावे तो बहुत कर रहा है। लेकिन धरातल पर धेलेभर का काम नहीं हा रहा है। प्रशासन के अधिकारी बैठकों में निर्देश जारी करने से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। सोमवार को भी जिलाधिकारी ने एनजीटी आदेशों के अनुपालन कराने के नाम पर अधिकारियों की बैठक की थी। बैठक में दावा किया गया था कि गंगा को साफ रखने के लिए मंगलवार से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए समिति गठित करने और गंगा को मैला करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात की गई। तीन दिन बीतने के बाद भी अधिकारी अपने कार्यालयों से बाहर नहीं निकल पाए। अधिकारियों की इस लापरवाही से गंगा मैली हो रही है और एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं हो पा रहा है।
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हाईकोर्ट एवं एनजीटी के आदेशों का अनुपालन कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को चार दिन पहले निर्देश दिए गए हैं। सभी को प्राथमिकता के आधार पर यह कार्य करने को कहा गया है। अब समीक्षा की जाएगी कि किस विभाग में क्या कार्य किया। आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। लापरवाही करने वालों कार्रवाई की जाएगी।
- हरबंस सिंह चुघ, जिलाधिकारी।
बृहस्पतिवार को कुछ लोग भीमगोडा की ओर से गंगा की अवरिल धारा पर बने कांगड़ाघाट के प्लेटफार्म पर ट्रक लेकर पहुंच गए। कांगड़ा घाट बनने से भीमगोडा रोड के भवनों से गंगाघाट की ओर दुकानें, ढाबे व गौशालाएं बना ली हैं। गोबर के साथ ढाबों की जूठन भी गंगा में डाली जा रही है। श्रृंगेेेरीमठ के पास गंदा पानी 24 घंटे गंगा की अवरिल धारा में बह रहा है। नगर निगम के कूड़ेदान भी घाट पर रखे हुए हैं। कांगड़ा पुल के मोड़ पर अवैध रूप से फोटोग्राफी का धंधा करने वालों और फर्जी संस्थाओं के नाम पर श्रद्धालुओं से दान लेने वाले गिरोह ने अपने दुपहिया वाहनों की पार्किंग बना दिया है। हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के साथ ही मेन रोड पर भी अवैध पार्किंग की जाने लगी है। हरकी पैड़ी के गंगा घाटों पर लगभग 50 स्थानों पर अवैध रूप से फूल, प्लास्टिक की कैनी व पॉलिथीन बेचा जा रहा है। गंगा किनारे गऊघाट पुल के नीचे की जगह पर स्थायी रूप से कब्जा कर लिया गया है। पुल के नीचे टिन व ईंटों की दीवारें खड़ी दुकानों बन चुकी हैं और इन दुकानों से जो गंदगी निकलती है वह गंगा में बहा दी जाती है।
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बैठकों से बाहर निकलो साहब
जिला प्रशासन गंगा को निर्मल बनाने और एनजीटी के आदेशों को पालन करने के लिए दावे तो बहुत कर रहा है। लेकिन धरातल पर धेलेभर का काम नहीं हा रहा है। प्रशासन के अधिकारी बैठकों में निर्देश जारी करने से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। सोमवार को भी जिलाधिकारी ने एनजीटी आदेशों के अनुपालन कराने के नाम पर अधिकारियों की बैठक की थी। बैठक में दावा किया गया था कि गंगा को साफ रखने के लिए मंगलवार से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए समिति गठित करने और गंगा को मैला करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात की गई। तीन दिन बीतने के बाद भी अधिकारी अपने कार्यालयों से बाहर नहीं निकल पाए। अधिकारियों की इस लापरवाही से गंगा मैली हो रही है और एनजीटी के आदेशों का पालन नहीं हो पा रहा है।
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हाईकोर्ट एवं एनजीटी के आदेशों का अनुपालन कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को चार दिन पहले निर्देश दिए गए हैं। सभी को प्राथमिकता के आधार पर यह कार्य करने को कहा गया है। अब समीक्षा की जाएगी कि किस विभाग में क्या कार्य किया। आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। लापरवाही करने वालों कार्रवाई की जाएगी।
- हरबंस सिंह चुघ, जिलाधिकारी।