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प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर ब्लैक में बेची जा रही एआरवी
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हरिद्वार के साथ देश में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की कमी का फायदा प्राइवेट मेडिकल स्टोर संचालक उठा रहे हैं। प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर 500 से 700 रुपये में वैक्सीन बेची जा रही है। इसका खुलासा जिला अस्पताल में एक पीड़ित के पहुंचने पर हुआ। यही नहीं, अस्पताल के बाहर एक मेडिकल स्टोर संचालक ने प्रिंट रेट से 100 रुपये अतिरिक्त पर इसे मंगवाने की बात कही।
बुधवार को ज्वालापुर के गुघाल रोड निवासी पंकज शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे। एआरवी न होने पर जिला अस्पताल में इंजेक्शन कक्ष के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई है। स्टाफ ने असमर्थता जताई। इसके बाद पंकज अस्पताल में मौजूद जन औषधि केंद्रों पर पहुंचे और वहां पर एआरवी मांगा। पंकज शर्मा ने बताया कि उन्हें सुबह कुत्ते ने काट लिया। उन्होंने बताया कि रानीपुर मोड पर मेडिकल स्टोर पर एआरवी मांगा तो स्टोर संचालक ने 700 रुपये कीमत बताई। अधिक रुपये बताए जाने पर वह जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर भी उपलब्ध न होने पर अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर पर पहुंचे तो उसने पहले तो 500 रुपये बताया। कीमत 350 रुपये बताने पर स्टोर संचालक ने तर्क दिया कि कमी होने से सप्लाई न होने पर कुछ सप्लायर अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। उन्होंने गरीब होने का हवाला दिया तो उसने 450 रुपये में उपलब्ध कराने को कहा।
एआरवी की सप्लाई न होने से सरकारी अस्पतालों में एआरवी उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है, लेकिन यदि प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर एआरवी उपलब्ध है तो प्रिंट रेट से ज्यादा नहीं बेच सकते। इसके लिए बाजार में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
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-डॉ. प्रेमलाल, सीएमओ।
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बुधवार को ज्वालापुर के गुघाल रोड निवासी पंकज शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे। एआरवी न होने पर जिला अस्पताल में इंजेक्शन कक्ष के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई है। स्टाफ ने असमर्थता जताई। इसके बाद पंकज अस्पताल में मौजूद जन औषधि केंद्रों पर पहुंचे और वहां पर एआरवी मांगा। पंकज शर्मा ने बताया कि उन्हें सुबह कुत्ते ने काट लिया। उन्होंने बताया कि रानीपुर मोड पर मेडिकल स्टोर पर एआरवी मांगा तो स्टोर संचालक ने 700 रुपये कीमत बताई। अधिक रुपये बताए जाने पर वह जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर भी उपलब्ध न होने पर अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर पर पहुंचे तो उसने पहले तो 500 रुपये बताया। कीमत 350 रुपये बताने पर स्टोर संचालक ने तर्क दिया कि कमी होने से सप्लाई न होने पर कुछ सप्लायर अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। उन्होंने गरीब होने का हवाला दिया तो उसने 450 रुपये में उपलब्ध कराने को कहा।
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एआरवी की सप्लाई न होने से सरकारी अस्पतालों में एआरवी उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है, लेकिन यदि प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर एआरवी उपलब्ध है तो प्रिंट रेट से ज्यादा नहीं बेच सकते। इसके लिए बाजार में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
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