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कौशिक का मैनेजमेंट भारी, अपने ही गढ़ से हारे ब्रह्मचारी

Sat, 12 Mar 2022 12:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 12:02 AM IST
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Kaushik's management heavy, Brahmachari lost from his own stronghold
धर्मनगरी से लगातार पांचवीं बार निर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मैैनेजमेंट और टीम वर्क से कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी को मात दी है। सतपाल ब्रह्मचारी अपने गृहक्षेत्र से मदन कौशिक से भले ही आगे रहे, लेकिन कांग्रेस के मजबूत गढ़ में कौशिक की सेंधमारी ने ब्रह्मचारी को पस्त कर दिया। मेयर अनीता शर्मा और पूर्व दर्जाधारी संजय पालीवाल से गढ़ से तक सतपाल ब्रह्मचारी को मदन कौशिक के बराबर वोट नही मिल सका। हर राउंड में कौशिक भारी रहे।
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हरिद्वार विधानसभा से चुनावी दंगल में भाजपा-कांग्रेस, सपा और आप समेत कुल नौ प्रत्याशी मैदान में थे। विधायक चुनने के लिए 14 फरवरी को 85840 लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्य मुकाबला मदन कौशिक और कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी के बीच था। 10 मार्च को हुई मतगणना में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की। मतगणना 14 राउंड में हुई। कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी भूपतवाला क्षेत्र में रहते हैं। पहले और दूसरे राउंड के मतों की गिनती भूपतवाला क्षेत्र से शुरू हुई। पहले राउंड में कौशिक को 3733 तो ब्रह्मचारी को 2794 वोट मिले। जबकि दूसरे राउंड में कौशिक को 3186 तो ब्रह्मचारी को 4284 मत हासिल हुए। तीसरा राउंड में भीमगोड़ा के मतों की गिनती हुई। कौशिक को 3068 तो ब्रह्मचारी को 3118 वोट मिले। इसी क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट से 2017 में चुनाव लड़े ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी भी रहते हैं। क्षेत्र में उनका दखल है, लेकिन कौशिक ने सेंधमारी की। चौथे राउंड में मुख्य बाजार और पांचवें राउंड में ब्रह्मपुरी के वोटों की गिनती हुई। ये क्षेत्र कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। लेकिन कौशिक ने चौथे राउंड से बढ़त बनाई और हर राउंड में ब्रह्मचारी पर भारी पड़े। आखिरी 14वें राउंड में ऋषिकुल के वोटों की गिनती में ब्रह्मचारी को जरूर कौशिक से अधिक वोट मिले। लेकिन तब तक कौशिक 15238 वोटों से जीत चुके थे।
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कनखल में कांग्रेस की मेयर अनीता शर्मा का आवास है। कनखल से भी कौशिक को 3251 तो ब्रह्मचारी को 2881 वोट मिले। जबकि नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के बेहद नजदीकी एवं पूर्व दर्जाधारी संजय पालिवाल के आवास क्षेत्र शिवलोक कालोनी व आसपास क्षेत्र से कौशिक को 4546 वोट मिले तो कांग्रेस को मात्र 2045 वोटों से संतोष करना पड़ा। कौशिक मध्य हरिद्वार में रहते हैं। इस क्षेत्र की गिनती 13वें राउंड में हुई। कौशिक को 4596 वोट मिले तो ब्रह्मचारी को 2682 वोटों से संतोष करना पड़ा। कौशिक ने कुल मतदान का 55.45 वोट हासिल कर जीत दर्ज कर ली।
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मैनेजमेंट में नहीं कोई तोड़
हरिद्वार। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का चुनावी मैनेजमेंट की हर कोई मिसाल देता है। कौशिक भले ही साइंस के छात्र रहे हैं, लेकिन राजनीतिक मैनेजमेंट में उनका कोई तोड़ नहीं है। मैनेजमेंट के बूते ही पांचवीं बार न केवल चुनाव जीता है बल्कि कोरोनाकाल में संगठन का कंट्रोल रूम खड़ा कर जरूरतमंदों की मदद भी पहुंचाई। 2022 के चुनाव में भी मैनेजमेंट खुद कौशिक ने संभाला।

आखिरी वक्त में कांग्रेस का चुनाव मुद्दों से बाहर निकला
हरिद्वार। कांग्रेस में एकजुटता और मैनेजमेंट की कमी दिखी। आखिरी वक्त में कांग्रेस का चुनाव महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी जरूरतों जैसे मुद्दों से हटकर नशा विरोधी मंच बन गया। स्वयं सतपाल ब्रह्मचारी शराब की धरपकड़ को छापा मारने मैदान में उतरे। कांग्रेस ने अवैध शराब और स्मैक बिक्री पर भाजपा के मदन कौशिक की घेराबंदी की। इससे कांग्रेस का चुनाव मुख्य मुद्दों से हट गया।
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