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लॉकडाउन में देवदूत बन जंगल के योद्धाओं ने डेढ़ सौ वन्यजीवों की जान बचाई
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अजगर को पकड़ते हरिद्वार वन प्रभाग के कर्मचारी ।
- फोटो : HARIDWAR
लॉकडाउन के दौरान हरिद्वार वन प्रभाग के कर्मचारियों ने डेढ़ सौ से भी अधिक वन्यजीवों को रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई। इसके साथ ही सौ सांपों को पकड़कर जंगल में छोड़ा।
हरिद्वार वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी दिनेश नौटियाल के नेतृत्व में सर्वाधिक वन्यजीवों को हरिद्वार शहर और आसपास के आबादी क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया। लॉकडाउन की अवधि में 18 नीलगाय और सांभर, 14 वाइपर सांप, पांच कोबरा सांप, 28 धामन सांप, 14 अजगर सहित विभिन्न प्रजातियों के करीब 100 सांपों को आबादी क्षेत्र से रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इसके साथ ही 15 लंगूर और बंदर, एक मगरमच्छ, तीन बिज्जू, 15 पक्षी के साथ ही गोह, कछुआ आदि की जान बचाई। तीन दिन पहले एक बीमार मादा गुलदार को औरंगाबाद गांव से रेस्क्यू किया गया। जिसे उपचार के लिए चिड़ियाकपुर रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है।
कई शिकारियों को भी भेजा जेल
डीएफओ नीरज शर्मा ने बताया कि हरिद्वार रेंज में मोर के शिकार और श्यामपुर रेंज में चीतल का शिकार करने के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। लक्सर रेंज में कछुआ और तीन जीवित गोह के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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वन्य जीवों को बचाने के साथ वन विभाग के कर्मचारी 24 घंटे जंगल की सीमाओं पर गश्त करके हाथी, गुलदार आदि वन्यजीवों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने में लगे रहते हैं।
- नीरज शर्मा, डीएफओ, हरिद्वार
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हरिद्वार वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी दिनेश नौटियाल के नेतृत्व में सर्वाधिक वन्यजीवों को हरिद्वार शहर और आसपास के आबादी क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया। लॉकडाउन की अवधि में 18 नीलगाय और सांभर, 14 वाइपर सांप, पांच कोबरा सांप, 28 धामन सांप, 14 अजगर सहित विभिन्न प्रजातियों के करीब 100 सांपों को आबादी क्षेत्र से रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इसके साथ ही 15 लंगूर और बंदर, एक मगरमच्छ, तीन बिज्जू, 15 पक्षी के साथ ही गोह, कछुआ आदि की जान बचाई। तीन दिन पहले एक बीमार मादा गुलदार को औरंगाबाद गांव से रेस्क्यू किया गया। जिसे उपचार के लिए चिड़ियाकपुर रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है।
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कई शिकारियों को भी भेजा जेल
डीएफओ नीरज शर्मा ने बताया कि हरिद्वार रेंज में मोर के शिकार और श्यामपुर रेंज में चीतल का शिकार करने के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। लक्सर रेंज में कछुआ और तीन जीवित गोह के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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वन्य जीवों को बचाने के साथ वन विभाग के कर्मचारी 24 घंटे जंगल की सीमाओं पर गश्त करके हाथी, गुलदार आदि वन्यजीवों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने में लगे रहते हैं।
- नीरज शर्मा, डीएफओ, हरिद्वार