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जूना ने मांगी पौने पांच करोड़ फिट भूमि
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:43 AM IST
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हरिद्वार। उज्जैन कुंभ के लिए मेलाधिष्ठान ने अखाड़ों से जमीन की डिमांड मांगी है। सबसे पहले संन्यासियों के बड़े जूना अखाड़े ने मेलाधिकारी और मेला आयुक्त को अपनी डिमांड दी है। अखाड़े ने कहा कि पांच संन्यासियों के लिए उसे चार करोड़ 73 लाख फिट भूमि की मेला क्षेत्र में आवश्यकता है।
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मेलाधिष्ठान के आग्रह पर जूना अखाड़े के संतों ने मंगलवार शाम भूमि का चयन कर लिया है। अन्य अखाड़ों से भी डिमांड मांगी गई है। उज्जैन जूना अखाड़े में वरिष्ठ श्रीमहंतों की बैठक जूना पीठाधीश्वर के प्रतिनिधि स्वामी नचिकेतानंद के सानिध्य में संपन्न हुई। इसमें अंतरराष्ट्रीय संरक्षण श्रीमहंत हरि गिरी, सभापति श्रीमहंत उमाशंकर भारती, दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरी, रामेश्वरानंद गिरी, सुंदर पुरी, पशुपति गिरी आदि ने भाग लिया। श्रीमहंत हरि गिरी ने संतों के साथ मेलाधिष्ठान के उच्चाधिकारियों से भेंट की। भूमि का डिमांड पत्र सौंपते ही अधिष्ठान के अधिकारियों ने भूमि का निरीक्षण करा दिया।
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जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी ने बताया कि जमीन संबंधी व्यवस्थाएं देखने के लिए श्रीमहंत नारायण गिरी अगले आठ माह तक उज्जैन में कैंप करेंगे। 21 जनवरी को जूना अखाड़ों के संतों का नगर प्रवेश होगा। धर्म ध्वजा की स्थापना छह फरवरी को की जाएगी। संतों का छावनी प्रवेश पेशवाई के रूप में 13 फरवरी को होगा। उन्होंने बताया कि अखाड़े के पास छावनी के लिए करीब 40 एकड़ भूमि मौजूद है। शासन से भूमि मिलने के बाद पांच करोड़ फिट से अधिक भूमि उपलब्ध हो जाएगी। इस बार उज्जैन कुंभ में जूना अखाड़े के साधुओं की संख्या सर्वाधिक रहेेगी।
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