{"_id":"5d3de9dc8ebc3e6cc17cb3d6","slug":"jairam-ashram-made-an-example-of-girl-child-protection-haridwar-news-drn314503190","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालिका संरक्षण की मिसाल बना जयराम आश्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालिका संरक्षण की मिसाल बना जयराम आश्रम
विज्ञापन
जयराम आश्रम ।
- फोटो : HARIDWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रह्मचारियों की संस्था श्री जयराम आश्रम भारतीय संस्कृति का व्यापक प्रचार प्रसार करने के साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे को कई दशकों से साक्षात कर रही है। वेद की शिक्षा का प्रचार प्रसार, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही भ्रूण हत्या के खिलाफ मुहिम चलाना और गरीब बेटियों के सामूहिक विवाह कराना इस संस्था के प्रमुख कार्य हैं।
श्री जयराम आश्रम की स्थापना करीब 146 वर्ष पूर्व 1873 में संस्था के संस्थापक श्री जय राम महाराज ने ऋषिकेश में की थी। समय के साथ संस्था ने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाया और इस समय संस्कृति के उन्नयन के साथ ही गो सेवा, संस्कृत शिक्षा के प्रोत्साहन, अन्न क्षेत्र और दंडी स्वामियों की सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही है। इस समय संस्था का मुख्यालय हरिद्वार में श्री जयराम आश्रम में है। इसके अलावा हरिद्वार में ही संस्था के मणिद्वीप आश्रम, गंगा स्वरूप आश्रम, श्री जयराम निवास तथा आशुतोष आश्रम कनखल हैं। दिल्ली-हरियाणा में कुरुक्षेत्र, बेरी, जखोली शेरीखंडा, सोनीपत, नरवाना, जींद और उत्तर प्रदेश के वृंदावन सहित अन्य शहरों में जयराम आश्रम की शाखाएं हैं जो अपने अपने स्तर से समाज सेवा और संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए अनेक प्रकल्प चला रही हैं। जयराम आश्रम ऐसी आध्यात्मिक संस्था है जो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की मुहिम को कई दशक से संचालित कर रही है। हरिद्वार से लेकर दिल्ली तक और हरियाणा से भी समय समय पर बेटियों के संरक्षण के लिए इस संस्था की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, लता मंगेशकर, कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, सरोजिनी नायडू, गार्गी सहित महिला आदर्शों के चित्रों का चित्रों सहित होर्डिंग और बैनर लगाकर भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाई गई मुहिम अक्सर चर्चा में रहती है। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि हरियाणा में जब बेटा बेटी का लिंगानुपात चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया था तब हरियाणा में उनकी संस्था द्वारा बड़े पैमाने पर मुहिम चलाकर लोगों को बेटियों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया था। समय के साथ इस मुहिम के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दिए।
सभी गुरुओं ने संस्था को दिया विस्तार
संस्था के दूसरे गुरु स्वामी कुटुस्थ ब्रह्मचारी महाराज हुए। उनके बाद स्वामी शादीराम महाराज, फिर हरिपुष्प महाराज, गंगा स्वरूप महाराज के बाद श्री देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी और नारायण स्वरूप ब्रह्मचारी संस्था के आध्यात्मिक गुरु बने। देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी के कार्यकाल में संस्था ने कई क्षेत्रों में विस्तार किया और इस समय मौजूदा अधिष्ठाता ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी हैं, जिन्होंने अपने गुरुओं के मार्गदर्शन में चलते हुए संस्था को न केवल विस्तार दिया बल्कि जनकल्याण के कई भी प्रकल्प शुरू किए।
विज्ञापन
आधुनिक शिक्षा का भी हो रहा विस्तार
जयराम आश्रम हरिद्वार, ऋषिकेश, दिल्ली और हरियाणा सहित अपनी सभी शाखाओं में संस्कृत शिक्षा के लिए संस्कृत महाविद्यालयों और वेद विद्यालयों का संचालन कर रहा है। हरियाणा में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संस्था ने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के विद्यालय संचालित किए हुए हैं। संस्था के संचालक ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप ने बताया कि गीता जयंती पर हर साल भारी संख्या में गरीब बालिकाओं का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाता है। आधुनिक शिक्षा के लिए ऋषिकेश में खोले गए देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में करीब चार हजार बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
बोले, ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी
जयराम आश्रम की स्थापना उनके गुरुओं ने भारतीय संस्कृति के व्यापक प्रचार प्रसार के उद्देश्य से की थी। समय के साथ-साथ जनकल्याण बेटियों का संरक्षण, गो सेवा, संतों की सेवा आदि के प्रकल्प को बढ़ाते हुए संस्था लगातार समाज और राष्ट्र के उत्थान में अपना योगदान कर रही है। हरिद्वार में बड़ा अस्पताल बनाना और शिक्षा के क्षेत्र में और ज्यादा प्रयास करना संस्था की भावी योजनाओं में शुमार है।
- ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी
विज्ञापन
श्री जयराम आश्रम की स्थापना करीब 146 वर्ष पूर्व 1873 में संस्था के संस्थापक श्री जय राम महाराज ने ऋषिकेश में की थी। समय के साथ संस्था ने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाया और इस समय संस्कृति के उन्नयन के साथ ही गो सेवा, संस्कृत शिक्षा के प्रोत्साहन, अन्न क्षेत्र और दंडी स्वामियों की सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही है। इस समय संस्था का मुख्यालय हरिद्वार में श्री जयराम आश्रम में है। इसके अलावा हरिद्वार में ही संस्था के मणिद्वीप आश्रम, गंगा स्वरूप आश्रम, श्री जयराम निवास तथा आशुतोष आश्रम कनखल हैं। दिल्ली-हरियाणा में कुरुक्षेत्र, बेरी, जखोली शेरीखंडा, सोनीपत, नरवाना, जींद और उत्तर प्रदेश के वृंदावन सहित अन्य शहरों में जयराम आश्रम की शाखाएं हैं जो अपने अपने स्तर से समाज सेवा और संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए अनेक प्रकल्प चला रही हैं। जयराम आश्रम ऐसी आध्यात्मिक संस्था है जो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की मुहिम को कई दशक से संचालित कर रही है। हरिद्वार से लेकर दिल्ली तक और हरियाणा से भी समय समय पर बेटियों के संरक्षण के लिए इस संस्था की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, लता मंगेशकर, कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, सरोजिनी नायडू, गार्गी सहित महिला आदर्शों के चित्रों का चित्रों सहित होर्डिंग और बैनर लगाकर भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाई गई मुहिम अक्सर चर्चा में रहती है। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि हरियाणा में जब बेटा बेटी का लिंगानुपात चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया था तब हरियाणा में उनकी संस्था द्वारा बड़े पैमाने पर मुहिम चलाकर लोगों को बेटियों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया था। समय के साथ इस मुहिम के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दिए।
विज्ञापन
सभी गुरुओं ने संस्था को दिया विस्तार
संस्था के दूसरे गुरु स्वामी कुटुस्थ ब्रह्मचारी महाराज हुए। उनके बाद स्वामी शादीराम महाराज, फिर हरिपुष्प महाराज, गंगा स्वरूप महाराज के बाद श्री देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी और नारायण स्वरूप ब्रह्मचारी संस्था के आध्यात्मिक गुरु बने। देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी के कार्यकाल में संस्था ने कई क्षेत्रों में विस्तार किया और इस समय मौजूदा अधिष्ठाता ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी हैं, जिन्होंने अपने गुरुओं के मार्गदर्शन में चलते हुए संस्था को न केवल विस्तार दिया बल्कि जनकल्याण के कई भी प्रकल्प शुरू किए।
विज्ञापन
आधुनिक शिक्षा का भी हो रहा विस्तार
जयराम आश्रम हरिद्वार, ऋषिकेश, दिल्ली और हरियाणा सहित अपनी सभी शाखाओं में संस्कृत शिक्षा के लिए संस्कृत महाविद्यालयों और वेद विद्यालयों का संचालन कर रहा है। हरियाणा में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संस्था ने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के विद्यालय संचालित किए हुए हैं। संस्था के संचालक ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप ने बताया कि गीता जयंती पर हर साल भारी संख्या में गरीब बालिकाओं का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाता है। आधुनिक शिक्षा के लिए ऋषिकेश में खोले गए देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में करीब चार हजार बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
बोले, ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी
जयराम आश्रम की स्थापना उनके गुरुओं ने भारतीय संस्कृति के व्यापक प्रचार प्रसार के उद्देश्य से की थी। समय के साथ-साथ जनकल्याण बेटियों का संरक्षण, गो सेवा, संतों की सेवा आदि के प्रकल्प को बढ़ाते हुए संस्था लगातार समाज और राष्ट्र के उत्थान में अपना योगदान कर रही है। हरिद्वार में बड़ा अस्पताल बनाना और शिक्षा के क्षेत्र में और ज्यादा प्रयास करना संस्था की भावी योजनाओं में शुमार है।
- ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी