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Haridwar: आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव पर बोले राज्यपाल- जड़ी-बूटियों के साथ जुड़ी हैं भारत की जड़ें
Fri, 05 Aug 2022 01:22 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 01:22 AM IST
सार
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यपाल ने आचार्य बालकृष्ण को उनके 50वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कहा कि पतंजलि योगपीठ ऋषियों की उस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
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पतंजलि में आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस कार्यक्रम में र हर घर तिरंगा कार्यक्रम का शुभारंभ करते र?
- फोटो : HARIDWAR
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विस्तार
पतंजलि फेज-2 में जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाए गए आचार्य बालकृष्ण के जन्मोत्सव में पहुंचे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि जड़ी-बूटियों से भारत की जड़ें भी जुड़ी हुई हैं। आचार्य की ओर से अपने जन्मदिवस को जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाना प्रकृति के संरक्षण के साथ हमारी समृद्धि के लिए अनोखी पहल है।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यपाल ने आचार्य बालकृष्ण को उनके 50वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कहा कि पतंजलि योगपीठ ऋषियों की उस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिसने भारत को ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति, अनुसंधान और आध्यात्म के बल पर विश्व गुरु के गौरव तक पहुंचाया है।
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उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद, यौगिक एवं बौद्धिक ज्ञान, जड़ी-बूटी और चिकित्सा हमारी विश्व गुरु की भावना की अनुभूति को बढ़ाने वाले हैं। भारत की पहचान अपनी सभ्यता, संस्कृति और आयुर्वेद के कारण है।
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राज्यपाल ने कहा कि पतंजलि के विजन में आत्मनिर्भर भारत, बौद्धिक संपदा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विचार और भावनाएं निहित हैं, जो वर्तमान समय की मांग है। आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर जड़ी-बूटी एवं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर आधारित 75 पुस्तकों का विमोचन अपने आप में अद्भुत है। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी दिवस लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की मूल अवधारणा को पुष्ट करने वाला है। भारत ने योग और आयुर्वेद की महान परंपरा को आधुनिक रूप दिया है।