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Haridwar News: अवैध कार डीलरों पर रोक, 110 कारें ब्लैकलिस्ट
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सेकंड हैंड वाहन विक्रेताओं के स्थान का निरीक्षण करते एआरटीओ । स्रोत:विभाग
अवैध रूप से कारों की खरीद-फरोख्त का धंधा करने वाले डीलरों पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) निखिल शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए एक विशेष अभियान में हिल बाइपास मार्ग पर चल रहे चार अवैध कार बिक्री सेंटरों पर तत्काल रोक लगा दी गई है। इन सेंटरों के पास खड़ीं 110 कारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है जिससे उनकी ट्रांसफर ऑनरशिप प्रक्रिया पर रोक लग गई है।
सोमवार को एआरटीओ निखिल शर्मा के नेतृत्व में टीटीओ वरुणा सैनी, भारत भूषण और मुकेश भारती की टीम ने हिल बाइपास मार्ग पर पुराने वाहनों का व्यापार करने वाले डीलरों की गहन चेकिंग की। नियमों के अनुसार पुराने वाहनों का व्यापार करने के लिए परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। निरीक्षण के दौरान कुल पांच कार डीलरों की जांच की गई जिसमें से चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। इस दाैरान केवल एक डीलर मारुति ट्रू वैल्यू के पास ही वैध डीलर लाइसेंस मिला। शेष चार डीलर बिना लाइसेंस के ही पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त करते मिले।
जांच में यह भी सामने आया कि इन बिना लाइसेंस वाले डीलरों के परिसर में कुल 110 वाहन खड़े थे। परिवहन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इन सभी 110 वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद इन वाहनों की ट्रांसफर ऑनरशिप की प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया गया है। संबंधित अवैध डीलरों को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे विभाग से वैध लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन बिक्री और खरीद का कारोबार कर सकेंगे।
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आरटीओ कार्यालय का निरीक्षण भी किया
टीम ने आरटीओ कार्यालय परिसर की प्रवेश व्यवस्था एवं सुरक्षा का विस्तृत निरीक्षण भी किया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कार्यालय में किसी भी प्रकार का अनधिकृत व्यक्ति मौजूद न हो। एआरटीओ ने प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मियों को कड़े निर्देश दिए। अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति को तब तक परिसर में प्रवेश न दिया जाए जब तक कि वह प्रवेश रजिस्टर में अपना नाम, मोबाइल नंबर और आने का स्पष्ट उद्देश्य दर्ज न कर दे।
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सोमवार को एआरटीओ निखिल शर्मा के नेतृत्व में टीटीओ वरुणा सैनी, भारत भूषण और मुकेश भारती की टीम ने हिल बाइपास मार्ग पर पुराने वाहनों का व्यापार करने वाले डीलरों की गहन चेकिंग की। नियमों के अनुसार पुराने वाहनों का व्यापार करने के लिए परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। निरीक्षण के दौरान कुल पांच कार डीलरों की जांच की गई जिसमें से चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। इस दाैरान केवल एक डीलर मारुति ट्रू वैल्यू के पास ही वैध डीलर लाइसेंस मिला। शेष चार डीलर बिना लाइसेंस के ही पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त करते मिले।
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जांच में यह भी सामने आया कि इन बिना लाइसेंस वाले डीलरों के परिसर में कुल 110 वाहन खड़े थे। परिवहन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इन सभी 110 वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद इन वाहनों की ट्रांसफर ऑनरशिप की प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया गया है। संबंधित अवैध डीलरों को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे विभाग से वैध लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन बिक्री और खरीद का कारोबार कर सकेंगे।
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आरटीओ कार्यालय का निरीक्षण भी किया
टीम ने आरटीओ कार्यालय परिसर की प्रवेश व्यवस्था एवं सुरक्षा का विस्तृत निरीक्षण भी किया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कार्यालय में किसी भी प्रकार का अनधिकृत व्यक्ति मौजूद न हो। एआरटीओ ने प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मियों को कड़े निर्देश दिए। अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति को तब तक परिसर में प्रवेश न दिया जाए जब तक कि वह प्रवेश रजिस्टर में अपना नाम, मोबाइल नंबर और आने का स्पष्ट उद्देश्य दर्ज न कर दे।