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उपभोक्ता सेवा कमी में दोषी, ऋण धनराशि देने के आदेश

Fri, 28 Jan 2022 09:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 09:09 PM IST
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Guilty in consumer service deficiency, order to give loan amount
ऋण आवेदन स्वीकृत होने के बाद भी आवेदक को नहीं देने के मामले में सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग ने विपक्षी शाखा प्रबंधक इंडियन ओवरसीज बैंक किशनपुर और जिला प्रबंधक उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम रोशनाबाद को सेवा में कमी पाते हुए शिकायतकर्ता को एक माह के अंदर 22 हजार 500 रुपये की धनराशि छह फीसदी वार्षिक ब्याज दर के साथ देने के आदेश दिए हैं। साथ ही क्षतिपूर्ति वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये अलग से देने होंगे।
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अधिवक्ता संजय कुमार चौहान ने बताया कि शिकायतकर्ता पलटू राम निवासी ग्राम पोस्ट इब्राहिमपुर ने शाखा प्रबंधक इंडियन ओवरसीज बैंक रोहलकी के किशनपुर और जिला प्रबंधक उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम रोशनाबाद के खिलाफ आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उन्होंने वर्ष 2008-09 में उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम रोशनाबाद द्वारा शाखा प्रबंधक इंडियन ओवरसीज बैंक रोहलकी किशनपुर से परचून की दुकान के लिए 50 हजार रुपये का बैंक ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। ऋण आवेदन पत्र के साथ अपने समस्त दस्तावेज विपक्षीगण उपलब्ध कराए। विपक्षी बैंक द्वारा ऋण नहीं दिया, लेकिन नवंबर 2016 को एक वसूली नोटिस जारी कर गया।
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नोटिस में बताया गया की विभाग की ओर से दिए गए ऋण की मार्जिन मनी 12,500 जमा न करने पर कुल बकाया 18000 की वसूली के लिए नोटिस भेजा है। शिकायतकर्ता उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम के कार्यालय पहुंचा तो बताया गया कि ऋण स्वीकृत हो गया था। विभाग द्वारा उसे 22,500 का चेक बैंक के माध्यम से दिया था। जिसमें 10,000 हजार रुपये अनुदान था। 12,500 हजार रुपये शिकायतकर्ता को ऋण उपलब्ध हो जाने के बाद मार्जिन मनी के रूप में विभाग को वापस जमा करने थे। शिकायतकर्ता ने विभाग के अधिकारियों को बताया कि उसे बैंक की ओर से कोई भी ऋण उपलब्ध नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष कंवर सैन और सदस्य विपिन कुमार ने अपना फैसला सुनाया।
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