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Haridwar News: जीएसटी कर्मचारियों का तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार
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राज्य कर अधिकारी संवर्ग के पदों में कटौती के विरोध में उत्तराखंड राज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों का रोशनाबाद मुख्यालय में दो घंटे का सांकेतिक धरना प्रदर्शन तीसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने शासन के खिलाफ नारेबाजी कर कर्मचारी के पदों में कटौती को वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
कर्मचारियों का कहना है कि कटौती के सापेक्ष संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त एवं सहायक आयुक्त के पदों में बढ़ोतरी कर दी गई है। राज्य कर अधिकारी के 50 प्रतिशत पद तृतीय श्रेणी के कार्मिकों की पदोन्नति से भरे जाते रहे हैं। शाखा उपाध्यक्ष देवेंद्र रावत ने कहा कि शासन और विभाग ने कर्मचारी संगठनों को ढांचे के प्रस्ताव में किए गए कटौती संबंधित प्रकरण पर विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि पदों की कटौती के विरोध में शनिवार को भी 11 बजे से एक बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया। इसी तरह सोमवार को भी कर्मचारियों ने सुबह 10 से 12 बजे तक कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उनकी समस्या का निदान न किया गया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने को मजबूर होंगे।
धरना प्रदर्शन करने वालों में अजयपाल, अंकित सागर, कुलदीप चौहान, जितेंद्र कुमार, विनय चौहान, अरविंद कुमार, मोहित कुमार,अजय सैनी, अजय कुमार, रेखा कुकरेती, शांति चौहान, संदीप सैनी, योगेश यादव, अनुज माहेश्वरी, सुमित सैनी, अनीता सिंह, प्रीति सिंह, सीमा पाल, नौशाद, पुरुषोत्तम रावत, अजीत कुमार, मुकेश मुरारी, विपुल सालार, दयाल चौहान, कबीर आदि मौजूद रहे।
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कर संग्रहण पर पड़ रहा असर
कर्मचारियों के दो घंटे के सांकेतिक कार्य बहिष्कार के चलते जीएसटी से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं। इसमें नए जीएसटी नंबर जारी किए जाने के साथ वसूली का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसी तरह जीएसटी रिटर्न की मॉनीटरिंग के साथ स्क्रूटनी का काम भी प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों के सांकेतिक धरना प्रदर्शन से जीएसटी से जुड़े 50 प्रतिशत तक काम नहीं हो पा रहे हैं। इससे आम लोगों को तो दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं और कर संग्रहण भी कम हो रहा है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। समय रहते कर्मचारियों की समस्या का निदान न किया गया तो कर्मचारी पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। इससे जीएसटी से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ठप हो सकते हैं।
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कर्मचारियों का कहना है कि कटौती के सापेक्ष संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त एवं सहायक आयुक्त के पदों में बढ़ोतरी कर दी गई है। राज्य कर अधिकारी के 50 प्रतिशत पद तृतीय श्रेणी के कार्मिकों की पदोन्नति से भरे जाते रहे हैं। शाखा उपाध्यक्ष देवेंद्र रावत ने कहा कि शासन और विभाग ने कर्मचारी संगठनों को ढांचे के प्रस्ताव में किए गए कटौती संबंधित प्रकरण पर विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि पदों की कटौती के विरोध में शनिवार को भी 11 बजे से एक बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया। इसी तरह सोमवार को भी कर्मचारियों ने सुबह 10 से 12 बजे तक कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उनकी समस्या का निदान न किया गया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने को मजबूर होंगे।
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धरना प्रदर्शन करने वालों में अजयपाल, अंकित सागर, कुलदीप चौहान, जितेंद्र कुमार, विनय चौहान, अरविंद कुमार, मोहित कुमार,अजय सैनी, अजय कुमार, रेखा कुकरेती, शांति चौहान, संदीप सैनी, योगेश यादव, अनुज माहेश्वरी, सुमित सैनी, अनीता सिंह, प्रीति सिंह, सीमा पाल, नौशाद, पुरुषोत्तम रावत, अजीत कुमार, मुकेश मुरारी, विपुल सालार, दयाल चौहान, कबीर आदि मौजूद रहे।
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कर संग्रहण पर पड़ रहा असर
कर्मचारियों के दो घंटे के सांकेतिक कार्य बहिष्कार के चलते जीएसटी से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं। इसमें नए जीएसटी नंबर जारी किए जाने के साथ वसूली का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसी तरह जीएसटी रिटर्न की मॉनीटरिंग के साथ स्क्रूटनी का काम भी प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों के सांकेतिक धरना प्रदर्शन से जीएसटी से जुड़े 50 प्रतिशत तक काम नहीं हो पा रहे हैं। इससे आम लोगों को तो दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं और कर संग्रहण भी कम हो रहा है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। समय रहते कर्मचारियों की समस्या का निदान न किया गया तो कर्मचारी पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। इससे जीएसटी से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ठप हो सकते हैं।