{"_id":"6a3d1994699270aa66096444","slug":"ghosh-is-a-powerful-medium-for-discipline-coordination-and-patriotism-haridwar-news-c-35-1-sdrn1003-150620-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: घोष अनुशासन, समन्वय व राष्ट्रभक्ति का सशक्त माध्यम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: घोष अनुशासन, समन्वय व राष्ट्रभक्ति का सशक्त माध्यम
Thu, 25 Jun 2026 05:35 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 25 Jun 2026 05:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- सरस्वती विद्या मंदिर में शुरू हुआ प्रशिक्षण
घोष अनुशासन, समन्वय व राष्ट्रभक्ति का सशक्त माध्यम
हरिद्वार। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर-2 भेल रानीपुर हरिद्वार में तीन दिवसीय संकुल घोष वर्ग का शुभारंभ हुआ। इसमें संकुल के छह विद्यालयों के 37 विद्यार्थियों और पांच आचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर-2 भेल रानीपुर के प्रधानाचार्य लोकेंद्र अंथवाल और सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर के प्रभारी प्रधानाचार्य अजय व घोष प्रमुख बिशन ने किया। इन्होंने कहा कि घोष केवल वादन कला नहीं बल्कि अनुशासन, समन्वय और राष्ट्रभक्ति का सशक्त माध्यम है। घोष के जरिये छात्र-छात्राओं में जीने की कला पैदा होती है। इसलिए छात्र-छात्राओं को विद्या मंदिर के स्कूलों में घोष का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। प्रशिक्षण वर्ग में प्रतिभागियों को घोष वादन की विभिन्न विधाओं का अभ्यास कराया जाएगा। वर्ग से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामूहिक कार्य की भावना का विकास होगा। वर्ग का समापन 27 जून को प्रदर्शन के साथ होगा। संवाद
विज्ञापन
घोष अनुशासन, समन्वय व राष्ट्रभक्ति का सशक्त माध्यम
हरिद्वार। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर-2 भेल रानीपुर हरिद्वार में तीन दिवसीय संकुल घोष वर्ग का शुभारंभ हुआ। इसमें संकुल के छह विद्यालयों के 37 विद्यार्थियों और पांच आचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर-2 भेल रानीपुर के प्रधानाचार्य लोकेंद्र अंथवाल और सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर के प्रभारी प्रधानाचार्य अजय व घोष प्रमुख बिशन ने किया। इन्होंने कहा कि घोष केवल वादन कला नहीं बल्कि अनुशासन, समन्वय और राष्ट्रभक्ति का सशक्त माध्यम है। घोष के जरिये छात्र-छात्राओं में जीने की कला पैदा होती है। इसलिए छात्र-छात्राओं को विद्या मंदिर के स्कूलों में घोष का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। प्रशिक्षण वर्ग में प्रतिभागियों को घोष वादन की विभिन्न विधाओं का अभ्यास कराया जाएगा। वर्ग से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामूहिक कार्य की भावना का विकास होगा। वर्ग का समापन 27 जून को प्रदर्शन के साथ होगा। संवाद