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Haridwar News: चेतावनी रेखा के करीब पहुंचा गंगा का जलस्तर, अलर्ट
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हरिद्वार। धर्मनगरी में लगातार दूसरे दिन भी रुक-रुक का बारिश का सिलसिला जारी रहा। इससे जन-जीवन प्रभावित रहा। गंगा का जलस्तर भी चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया। इससे गंगा के निचले इलाकों में अलर्ट कर दिया गया है। बारिश से नष्ट हुई धान की फसल का सर्वे करने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जा सके।
बृहस्पतिवार अलसुबह करीब तीन बजे से शुरू हुई बारिश शुक्रवार देर शाम तक जारी रही। बारिश से स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे, बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बारिश से शहर और देहात में जलभराव से लोगों ने परेशानी झेली।
पहाड़ों और मैदान में निरंतर हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर भी चेतावनी निशान 293 मीटर के नजदीक 292.65 मीटर पर आ गया है। गंगा के किनारे रहने वाले गांवों के ग्रामीणों और बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है, ताकि यदि गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो ग्रामीणों को समय पूर्व सूचित कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सके। जिला प्रशासन भी गंगा कि जलस्तर पर 24 घंटे घंटे निगाहें बनाए हुए है।
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मुख्य कृषि अधिकारी जीएस भंडारी ने कृषि ब्लॉक प्रभारियों और सहायक कृषि अधिकारियों को धान आदि की फसलों का सर्वे करने करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि नुकसान के आकलन की रिपोर्ट जल्द भेजी जाए।
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किसनाों की बढ़ी मुश्किलें
श्यामपुर। दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान खेमपाल, बहादुर सिंह का कहना कि बारिश से खेतों में खड़ी धान, मक्का, बाजरा और सब्जी आदि की फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने नष्ट फसल के मुआवजे की मांग की है।
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दो दिन में 50 एमएम बारिश
बहादराबाद। दो दिन में करीब 50 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान विभाग रिसर्च सेंटर के अनुसार जिले में बुधवार का तापमान अधिकतम 33.5 और न्यूनतम 24.5 का था। बारिश के बाद बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 30.5, न्यूनतम 24.0 पर गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28.5, न्यूनतम 22 डिग्री दर्ज किया गया। पांच डिग्री सेल्सियस तापमान भी लुढ़क गया।
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बरसात में सड़क के गड्ढे दे रहे लोगों को जख्म
बहादराबाद। दो दिन से लगातार हो रही बहादरपुर- बढेड़ी राजपूताना मार्ग की सड़क हुए बड़े-बड़े गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। बरसात में सड़क के गड्ढे जख्म दे रहे हैं, जबकि हजारों की संख्या में दिन-रात ग्रामीण गुजरते हैं, लेकिन अचानक से गड्ढे में वाहन जाने से हादसे की आशंका बनी रहती है। पर इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने सड़क ठीक कराए जाने की मांग की है।
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लगातार बारिश से दुधारू पशु हुए प्रभावित
धनौरी। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से दुधारू पशु प्रभावित हुए हैं। गाय-भैसों के दूध में कमी आई है। पशुपालकों का कहना है कि अगर एक-दो दिन में बारिश बंद नहीं हुई तो दूध की मात्रा आधी रह जाएगी। क्षेत्र में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते पशुपालकों को अपने दुधारू पशु घरों के अंदर बांधने पड़ रहे हैं। चारे की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। पशुओं को खुला माहौल न मिलने और हरा चारा पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने के चलते दूध की मात्रा पर प्रभाव पड़ा है। जसवावाला गांव निवासी नितिन सैनी ने बताया कि उनकी गाय ने एक महीने पहले ही बच्चा दिया है। प्रतिदिन 8 लीटर दूध दे रही थी, लेकिन तीन दिन की बारिश के बाद शुक्रवार को दूध घटकर 6 लीटर रह गया। तेलीवाला गांव निवासी महिपाल ने बताया कि उनकी भैस का दूध भी कम हुआ है। अगर आने वालेे दो दिन और बारिश हो गई तो दूध की मात्रा आधी रह जाएगी।
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फोटो समाचार
बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद
पथरी। बारिश के साथ हवा से खेतों में धान की फसल भूमि पर गिर गई। एक सप्ताह पहले भी बारिश के साथ हवा से खेतों में धान की फसल भूमि पर गिर गई थी। फसल गिरने से धान का दाना खराब हो जाएगा। फसल के नुकसान को लेकर किसानों की नींद उड़ी हुई है। शाहपुर, बादशाहपुर, शेरपुर, भट्टीपुर, भोवापुर, नसीरपुर कलां, नसीरपुर खुर्द, धारीवाला, हरसीवाला, टिकौला, जसोददरपुर, रानीमाजरा, चांदपुर, शिवगढ़, फूलगढ़, गोविंदगढ़, दुर्गागढ़, पदार्था, धनपुरा, नई कुंडी, घिस्सूपुरा, फेरूपुर, कटारपुर, बिशनपुर, पुरानी कुंडी आदि स्थानों पर हवा से खेतों में धान की फसल भूमि पर गिर गई। प्रमोद, पुरूषोत्तम, राज सिंह, इलयास, जाकिर आदि किसानों का कहना है कि धान की फसल को नुकसान होगा।
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बृहस्पतिवार अलसुबह करीब तीन बजे से शुरू हुई बारिश शुक्रवार देर शाम तक जारी रही। बारिश से स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे, बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बारिश से शहर और देहात में जलभराव से लोगों ने परेशानी झेली।
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पहाड़ों और मैदान में निरंतर हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर भी चेतावनी निशान 293 मीटर के नजदीक 292.65 मीटर पर आ गया है। गंगा के किनारे रहने वाले गांवों के ग्रामीणों और बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है, ताकि यदि गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो ग्रामीणों को समय पूर्व सूचित कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सके। जिला प्रशासन भी गंगा कि जलस्तर पर 24 घंटे घंटे निगाहें बनाए हुए है।
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मुख्य कृषि अधिकारी जीएस भंडारी ने कृषि ब्लॉक प्रभारियों और सहायक कृषि अधिकारियों को धान आदि की फसलों का सर्वे करने करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि नुकसान के आकलन की रिपोर्ट जल्द भेजी जाए।
किसनाों की बढ़ी मुश्किलें
श्यामपुर। दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान खेमपाल, बहादुर सिंह का कहना कि बारिश से खेतों में खड़ी धान, मक्का, बाजरा और सब्जी आदि की फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने नष्ट फसल के मुआवजे की मांग की है।
दो दिन में 50 एमएम बारिश
बहादराबाद। दो दिन में करीब 50 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान विभाग रिसर्च सेंटर के अनुसार जिले में बुधवार का तापमान अधिकतम 33.5 और न्यूनतम 24.5 का था। बारिश के बाद बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 30.5, न्यूनतम 24.0 पर गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28.5, न्यूनतम 22 डिग्री दर्ज किया गया। पांच डिग्री सेल्सियस तापमान भी लुढ़क गया।
बरसात में सड़क के गड्ढे दे रहे लोगों को जख्म
बहादराबाद। दो दिन से लगातार हो रही बहादरपुर- बढेड़ी राजपूताना मार्ग की सड़क हुए बड़े-बड़े गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। बरसात में सड़क के गड्ढे जख्म दे रहे हैं, जबकि हजारों की संख्या में दिन-रात ग्रामीण गुजरते हैं, लेकिन अचानक से गड्ढे में वाहन जाने से हादसे की आशंका बनी रहती है। पर इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने सड़क ठीक कराए जाने की मांग की है।
लगातार बारिश से दुधारू पशु हुए प्रभावित
धनौरी। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से दुधारू पशु प्रभावित हुए हैं। गाय-भैसों के दूध में कमी आई है। पशुपालकों का कहना है कि अगर एक-दो दिन में बारिश बंद नहीं हुई तो दूध की मात्रा आधी रह जाएगी। क्षेत्र में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते पशुपालकों को अपने दुधारू पशु घरों के अंदर बांधने पड़ रहे हैं। चारे की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। पशुओं को खुला माहौल न मिलने और हरा चारा पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने के चलते दूध की मात्रा पर प्रभाव पड़ा है। जसवावाला गांव निवासी नितिन सैनी ने बताया कि उनकी गाय ने एक महीने पहले ही बच्चा दिया है। प्रतिदिन 8 लीटर दूध दे रही थी, लेकिन तीन दिन की बारिश के बाद शुक्रवार को दूध घटकर 6 लीटर रह गया। तेलीवाला गांव निवासी महिपाल ने बताया कि उनकी भैस का दूध भी कम हुआ है। अगर आने वालेे दो दिन और बारिश हो गई तो दूध की मात्रा आधी रह जाएगी।
फोटो समाचार
बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद
पथरी। बारिश के साथ हवा से खेतों में धान की फसल भूमि पर गिर गई। एक सप्ताह पहले भी बारिश के साथ हवा से खेतों में धान की फसल भूमि पर गिर गई थी। फसल गिरने से धान का दाना खराब हो जाएगा। फसल के नुकसान को लेकर किसानों की नींद उड़ी हुई है। शाहपुर, बादशाहपुर, शेरपुर, भट्टीपुर, भोवापुर, नसीरपुर कलां, नसीरपुर खुर्द, धारीवाला, हरसीवाला, टिकौला, जसोददरपुर, रानीमाजरा, चांदपुर, शिवगढ़, फूलगढ़, गोविंदगढ़, दुर्गागढ़, पदार्था, धनपुरा, नई कुंडी, घिस्सूपुरा, फेरूपुर, कटारपुर, बिशनपुर, पुरानी कुंडी आदि स्थानों पर हवा से खेतों में धान की फसल भूमि पर गिर गई। प्रमोद, पुरूषोत्तम, राज सिंह, इलयास, जाकिर आदि किसानों का कहना है कि धान की फसल को नुकसान होगा।