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Haridwar News: गंगा घाट भारतीय सनातन संस्कृति, आस्था और साधना के जीवंत धरोहर
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हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष रविदेव आनंद ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हरिद्वार और ऋषिकेश के पवित्र गंगा घाट केवल भौगोलिक स्थल नहीं, अपितु भारतीय सनातन संस्कृति, आस्था और साधना के जीवंत धरोहर हैं, इसलिए इन पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश और मांस, मदिरा पूर्ण प्रतिबंध किया जाए।
कहा कि हरिद्वार नगर पालिका की 110 वर्ष पुरानी नियमावली (1916 व 1953) में गंगा घाटों विशेषकर हरकी पैड़ी आदि पवित्र स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख है। यह नियम किसी प्रकार का नया निर्णय नहीं है, वरन हमारी ऐतिहासिक धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए पूर्व से लागू रहा है। गंगा के पवित्र घाटों का इतिहास हजारों वर्षों से तप, त्याग, स्नान, दान और मोक्ष की अवधारणा से जुड़ा रहा है।
विश्व हिंदू परिषद मांग करता है कि कुंभ मेला क्षेत्र और सभी पवित्र गंगा घाटों को धार्मिक मर्यादा क्षेत्र घोषित किया जाए। गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी ऐतिहासिक नियमों को कठोरता से लागू किया जाए। किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाए।
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कहा कि हरिद्वार नगर पालिका की 110 वर्ष पुरानी नियमावली (1916 व 1953) में गंगा घाटों विशेषकर हरकी पैड़ी आदि पवित्र स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख है। यह नियम किसी प्रकार का नया निर्णय नहीं है, वरन हमारी ऐतिहासिक धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए पूर्व से लागू रहा है। गंगा के पवित्र घाटों का इतिहास हजारों वर्षों से तप, त्याग, स्नान, दान और मोक्ष की अवधारणा से जुड़ा रहा है।
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विश्व हिंदू परिषद मांग करता है कि कुंभ मेला क्षेत्र और सभी पवित्र गंगा घाटों को धार्मिक मर्यादा क्षेत्र घोषित किया जाए। गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी ऐतिहासिक नियमों को कठोरता से लागू किया जाए। किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाए।
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