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शहर से लेकर देहात तक घंटों बिजली कटौती
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ऊर्जा निगम कर्मचारियों की हड़ताल से मंगलवार को धर्मनगरी में शहर से लेकर गांवों तक घंटों बिजली कटौती हुई। इससे उपभोक्ताओं को पेयजल के लिए भी जूझना पड़ा। हड़ताल स्थगित होने से आपूर्ति सुचारु हुई और उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
लंबित मांगों के समर्थन में कर्मचारी सोमवार आधी रात से हड़ताल पर चले गए। हड़ताल से ज्वालापुर, ललतारो पुल, शिवालिक नगर, बहादराबाद सिडकुल, रानीपुर मोड़, उत्तर हरिद्वार और निरंजनी अखाड़े तक आपूर्ति बंद रही। पार्षद शुभम मंडोला ने बताया कि कि दोपहर ढाई बजे जगजीतपुर, दुर्गा विहार, हनुमंतपुरम, राजा गार्डन, शिवपुरी क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। शाम छह बजे भाजपा पार्षद मनोज विकास कुमार और लोकेश पाल बिजली घर पहुंचे और उसके बाद आपूर्ति सुचारु हो सकी। मशाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर मनोज कुमार ने बताया कि लाइनमैन को बुलाया, लेकिन उसने फेज चालू नहीं किया। घंटों बिजली नहीं होने से लोगों को जूझना पड़ा।
लालढांग में सुबह छह बजे से आपूर्ति बंद हो गई। इससे ग्रामीण परेशान रहे। बिजली नहीं होने से पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई। लालढांग, चमरिया, नयागांव, आदर्श नगर व रसूलपुर आर्यनगर को बिजली की आपूर्ति कोटद्वार से होती है। बिजली न होने से सिंचाई के ट्यूबवेल भी बंद रहे। शाम पांच बजे बाद आपूर्ति सुचारु हुई। इससे क्षेत्र की चार हजार की आबादी प्रभावित रही।
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बहादराबाद में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
हरिद्वार। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से 14 सूत्री मांगों को लेकर सहायक अभियंता विद्युत परीक्षण शाला ग्रामीण बहादराबाद के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि 2017 में समझौता हुआ था, जिसे आज तक लागू नहीं किया गया। उत्तराखंड गठन के समय केंद्र द्वारा आश्वासन दिया गया था कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कर्मचारियों के बीच समानता रहेगी। समान वेतन और समान सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन आश्वासन हवाई साबित हुए। कर्मचारियों ने कहा कि 2002 के बाद के कर्मचारियों को पेंशन से भी मुक्त कर दिया गया।
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आपूर्ति ठप रहने से बिजली घर का घेराव
40 गांवों में कटौती, ग्रामीण परेशान, फूटा गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
पथरी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से गुस्साए ग्रामीणों ने भट्ठीपुर स्थित बिजली घर का घेराव किया। उन्होंने बिजली घर पर ताला लगा दिया। बसपा नेता शुभम सैनी के नेतृत्व में ग्रामीण इकट्ठा होकर मंगलवार की शाम को भट्ठीपुर स्थित बिजली घर पर पहुंचे।
मंगलवार को ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पथरी एवं भट्ठीपुर स्थित बिजली घर से जुड़े 40 गांवों की बिजली गुल रही। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों ने बिजली घर के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। उन्होंने विद्युत आपूर्ति बंद हो जाने के कारण जनता को हो रही समस्या का जल्द निस्तारण करने की मांग की। शुभम सैनी ने कहा कि ऊर्जा निगम की लड़ाई सरकार के साथ है। बिजली आपूर्ति बंद कर ग्रामीणों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। ऊर्जा निगम अधिकारियों ने अपने मोबाइल भी बंद किए हुए हैं। प्रदर्शन करने वालों में अरविंद, रमेश, विजय, राजकुमार, नीशू, मोहित, राजेंद्र और नरेश आदि शामिल रहे।
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लंबित मांगों के समर्थन में कर्मचारी सोमवार आधी रात से हड़ताल पर चले गए। हड़ताल से ज्वालापुर, ललतारो पुल, शिवालिक नगर, बहादराबाद सिडकुल, रानीपुर मोड़, उत्तर हरिद्वार और निरंजनी अखाड़े तक आपूर्ति बंद रही। पार्षद शुभम मंडोला ने बताया कि कि दोपहर ढाई बजे जगजीतपुर, दुर्गा विहार, हनुमंतपुरम, राजा गार्डन, शिवपुरी क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। शाम छह बजे भाजपा पार्षद मनोज विकास कुमार और लोकेश पाल बिजली घर पहुंचे और उसके बाद आपूर्ति सुचारु हो सकी। मशाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर मनोज कुमार ने बताया कि लाइनमैन को बुलाया, लेकिन उसने फेज चालू नहीं किया। घंटों बिजली नहीं होने से लोगों को जूझना पड़ा।
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लालढांग में सुबह छह बजे से आपूर्ति बंद हो गई। इससे ग्रामीण परेशान रहे। बिजली नहीं होने से पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई। लालढांग, चमरिया, नयागांव, आदर्श नगर व रसूलपुर आर्यनगर को बिजली की आपूर्ति कोटद्वार से होती है। बिजली न होने से सिंचाई के ट्यूबवेल भी बंद रहे। शाम पांच बजे बाद आपूर्ति सुचारु हुई। इससे क्षेत्र की चार हजार की आबादी प्रभावित रही।
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बहादराबाद में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
हरिद्वार। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से 14 सूत्री मांगों को लेकर सहायक अभियंता विद्युत परीक्षण शाला ग्रामीण बहादराबाद के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि 2017 में समझौता हुआ था, जिसे आज तक लागू नहीं किया गया। उत्तराखंड गठन के समय केंद्र द्वारा आश्वासन दिया गया था कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कर्मचारियों के बीच समानता रहेगी। समान वेतन और समान सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन आश्वासन हवाई साबित हुए। कर्मचारियों ने कहा कि 2002 के बाद के कर्मचारियों को पेंशन से भी मुक्त कर दिया गया।
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आपूर्ति ठप रहने से बिजली घर का घेराव
40 गांवों में कटौती, ग्रामीण परेशान, फूटा गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
पथरी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से गुस्साए ग्रामीणों ने भट्ठीपुर स्थित बिजली घर का घेराव किया। उन्होंने बिजली घर पर ताला लगा दिया। बसपा नेता शुभम सैनी के नेतृत्व में ग्रामीण इकट्ठा होकर मंगलवार की शाम को भट्ठीपुर स्थित बिजली घर पर पहुंचे।
मंगलवार को ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पथरी एवं भट्ठीपुर स्थित बिजली घर से जुड़े 40 गांवों की बिजली गुल रही। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों ने बिजली घर के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। उन्होंने विद्युत आपूर्ति बंद हो जाने के कारण जनता को हो रही समस्या का जल्द निस्तारण करने की मांग की। शुभम सैनी ने कहा कि ऊर्जा निगम की लड़ाई सरकार के साथ है। बिजली आपूर्ति बंद कर ग्रामीणों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। ऊर्जा निगम अधिकारियों ने अपने मोबाइल भी बंद किए हुए हैं। प्रदर्शन करने वालों में अरविंद, रमेश, विजय, राजकुमार, नीशू, मोहित, राजेंद्र और नरेश आदि शामिल रहे।