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Haridwar News: फर्जी रजिस्ट्री दिखाकर प्लॉट बेचने के नाम पर 34 लाख की ठगी
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हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में फर्जी रजिस्ट्री दिखाकर प्लॉट बेचने के नाम पर 34 लाख की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, विजयपाल सिंह निवासी निवासी हजारीबाग निकट सेक्टर-2 बीएचईएल ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि खड़क सिंह, विजयपाल सिंह, आशा देवी और कुसुमलता ने मिलकर उसे शिवलोक आवासीय योजना टिबड़ी ज्वालापुर में प्लॉट संख्या-22 का फर्जी विक्रयपत्र दिखाकर बेच दिया। भरोसा कर 34 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। 13 दिसंबर 2024 को रजिस्टर्ड विक्रयपत्र बनवा लिया। कुछ माह बाद जब उसने नगर निगम में नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की, तब पता चला कि जिस प्लाॅट को विक्रय किया गया, वह पहले से ही हरिद्वार विकास प्राधिकरण की ओर से 1988 में हंसराज सिंह यादव को आवंटित किया जा चुका था।
आरोप है कि 1994 में हंसराज ने यह प्लॉट गंगाशरण जाटव को मुख्तारनामा आम के जरिए ट्रांसफर किया था। गंगाशरण और हंसराज, दोनों की मौत हो चुकी है। आरोप है कि सभी को इसके बारे में जानकारी थी, फिर भी उन्होंने जानबूझकर उसे धोखे में रखकर फर्जी तरीके से प्लॉट बेचने के नाम पर रकम हड़प ली। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, विजयपाल सिंह निवासी निवासी हजारीबाग निकट सेक्टर-2 बीएचईएल ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि खड़क सिंह, विजयपाल सिंह, आशा देवी और कुसुमलता ने मिलकर उसे शिवलोक आवासीय योजना टिबड़ी ज्वालापुर में प्लॉट संख्या-22 का फर्जी विक्रयपत्र दिखाकर बेच दिया। भरोसा कर 34 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। 13 दिसंबर 2024 को रजिस्टर्ड विक्रयपत्र बनवा लिया। कुछ माह बाद जब उसने नगर निगम में नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की, तब पता चला कि जिस प्लाॅट को विक्रय किया गया, वह पहले से ही हरिद्वार विकास प्राधिकरण की ओर से 1988 में हंसराज सिंह यादव को आवंटित किया जा चुका था।
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आरोप है कि 1994 में हंसराज ने यह प्लॉट गंगाशरण जाटव को मुख्तारनामा आम के जरिए ट्रांसफर किया था। गंगाशरण और हंसराज, दोनों की मौत हो चुकी है। आरोप है कि सभी को इसके बारे में जानकारी थी, फिर भी उन्होंने जानबूझकर उसे धोखे में रखकर फर्जी तरीके से प्लॉट बेचने के नाम पर रकम हड़प ली। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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