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बाघ की पांच खालें बरामद
hridwar uttrakhanda india
Updated Mon, 14 Mar 2016 11:48 PM IST
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बाघ की खाल बरामद
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग पर बाघ की पांच खालें और सवा क्विंटल हड्डियां व नाखून बरामद किए हैं। एसटीएफ ने बावरिया गिरोह के एक तस्कर को धर दबोचा जबकि चार अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में कामयाब रहे।
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सभी वन्य जीव तस्कर पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाल, हड्डियां, नाखून की कीमत करीब सत्तर लाख बताई जा रही है। एसटीएफ के खुलासे से प्रदेश के वन महकमे के आला अफसरान के होश उड़े हुए है।
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रविवार देर रात देहरादून से एसटीएफ की टीम एसआई संतोष कुमार शाह की अगुवाई में यहां पहुंची। एसटीएफ की टीम ने मुखबिर की सूचना पर हरिद्वार-नजीबाबाद राजमार्ग पर रवासन नदी पुल के पास एक व्यक्ति को गिरफ्त में ले लिया जबकि उसके चार साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकलेे।
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आरोपी के पास और सड़क किनारे मिले प्लास्टिक के कट्टों से बाघ की पांच खालें, हड्डियां व नाखून बरामद हुए। एसटीएफ की टीम आरोपी रामचंदर उर्फ चंदर पुत्र वीरबल निवासी धोसियान बस्ती नियर बस स्टैंड भठिंडा पंजाब को श्यामपुर थाने ले आई। थाने में हुई पूछताछ में रामचंदर ने अपने साथियों के नाम माडिया उर्फ माडू पुत्र ताराराम, रामभगत पुत्र गंगा राम, मुख्तयार पुत्र बजोरिया निवासीगण भठिंडा पंजाब और हजारी पुत्र प्रताप निवासी कालका हरियाणा बताया। एसटीएफ ने बाघ की खाल व हड्डियां बरामद होने की सूचना चिड़ियापुर वन रेंज के अधिकारियों को दी। सूचना से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसटीएफ, हरिद्वार पुलिस और वन महकमे के अधिकारियों ने तस्कर से घंटों पूछताछ की। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उन्होंने दो बाघ कार्बेट टाइगर रिजर्व और तीन बाघ कोटद्वार व बिजनौर से सटे जंगलों में मारे थे। पांचों बाघों को खटका लगाकर मारा गया। बताया जा रहा है कि यह लोग खालों को लेकर बिजनौर जा रहे थे। वहीं किसी तस्कर को बेचा जाना था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाल, हड्डियां और नाखून की कीमत करीब सत्तर लाख बताई जा रही है। एसटीएफ के एसआई संतोष शाह की ओर से इस संबंध में वन्य जीव एक्ट के तहत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।