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Haridwar News: फाइनेंस कंपनी के एजेंट पर दो लाख से अधिक के गबन का आरोप
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हरिद्वार। महिलाओं को सूक्ष्म ऋण उपलब्ध कराने वाली एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट पर ग्राहकों से वसूली गई किस्तों की करीब दो लाख से अधिक की राशि हड़पने का आरोप लगा है। ज्वालापुर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सैटिन क्रेडिट केयर नेटवर्क लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय प्रबंधक अजय कुमार उपाध्याय ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि कंपनी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को समूह आधारित सूक्ष्म ऋण उपलब्ध कराती है। कंपनी की एक शाखा ज्वालापुर के गणेश विहार कॉलोनी, सीतापुर स्थित हाउस नंबर 84 में संचालित होती है। विवेक कुमार निवासी मधेपुरा बिहार कंपनी में अभिकर्ता के रूप में कार्यरत था। वह ग्राहकों से ऋण की किस्तें वसूलने का काम करता था। आरोप है कि अनियमितताओं की जानकारी मिली तो ऑडिट टीम ने जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि विवेक ने अगस्त 2025 से नवंबर 2025 के बीच 85 से अधिक ग्राहकों से वसूली गई किस्तों का गबन किया। कुल रकम 2,21,131 रुपये है। आरोप है कि गबन छिपाने के लिए कई ग्राहकों के लोन कार्ड और पासबुक भी अपने पास रख लिए, जिनमें किस्तों का पूरा विवरण दर्ज था। जब कंपनी कर्मचारियों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। ऑडिट जांच के बाद से वह फरार चल रहा है। कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, सैटिन क्रेडिट केयर नेटवर्क लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय प्रबंधक अजय कुमार उपाध्याय ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि कंपनी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को समूह आधारित सूक्ष्म ऋण उपलब्ध कराती है। कंपनी की एक शाखा ज्वालापुर के गणेश विहार कॉलोनी, सीतापुर स्थित हाउस नंबर 84 में संचालित होती है। विवेक कुमार निवासी मधेपुरा बिहार कंपनी में अभिकर्ता के रूप में कार्यरत था। वह ग्राहकों से ऋण की किस्तें वसूलने का काम करता था। आरोप है कि अनियमितताओं की जानकारी मिली तो ऑडिट टीम ने जांच शुरू की।
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जांच में सामने आया कि विवेक ने अगस्त 2025 से नवंबर 2025 के बीच 85 से अधिक ग्राहकों से वसूली गई किस्तों का गबन किया। कुल रकम 2,21,131 रुपये है। आरोप है कि गबन छिपाने के लिए कई ग्राहकों के लोन कार्ड और पासबुक भी अपने पास रख लिए, जिनमें किस्तों का पूरा विवरण दर्ज था। जब कंपनी कर्मचारियों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। ऑडिट जांच के बाद से वह फरार चल रहा है। कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जांच की जा रही है।
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