फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Fatwa against Patanjali products redundant: Balakrishna

पतंजलि उत्पादों के खिलाफ फतवा बेमानी: बालकृष्ण

Thu, 31 Dec 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 31 Dec 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन

हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि उत्पादों के खिलाफ दक्षिण भारत में जारी किया गया फतवा बेमानी है। आयुर्वेदिक दवाएं दुनिया के सभी धर्मों से जुड़े लोग प्रयोग करते हैं। गोमूूत्र पतंजलि के पांच उत्पादों में प्रयोग किया जाता है।

विज्ञापन

पतंजलि योगपीठ में पत्रकारों से वार्ता में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संस्था की इकाइयों में करीब 700 आयुर्वेदिक औषधियां और हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से पांच उत्पादों (गौधन अर्क, संजीवनी वटी, पंचगव्य साबुन, कायाकल्प तेल और शुद्ध फिनायल) में गोमूत्र प्रयोग किया जाता है। अर्क और वटी ही औषधियों की श्रेणी में आती हैैं। दोनों का प्रयोग कैंसर जैसे असाध्य रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। दवाओं और हर्बल पदार्थों का निर्माण किसी जाति को ध्यान में रखकर नहीं किया जाता। ऐसे में जीवन रक्षक औषधियों के खिलाफ फतवा जारी करना आश्चर्यजनक है। यह इस्लाम के भी खिलाफ है। दुनियाभर के करोड़ों मुसलमान बाबा रामदेव द्वारा बताए गए योग और आसन करते हैं। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वदेशी के माध्यम से विदेशी लूट रोकना हमारा मकसद है।
विज्ञापन


साजिश की बू: काजमी
हरिद्वार। आचार्य के साथ पत्रकारों से वार्ता के दौरान आल इंडिया इमाम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती शमूम काजमी ने कहा कि इस तरह का फतवे जारी करना इस्लाम के खिलाफ है। दवाओं का कोई धर्म नहीं होता। यह मानव मात्र के लिए जिंदगी लेकर आती है। लाखों मुसलमान प्रतिदिन योग और आयुर्वेद अपना रहे हैं। हो सकता है कि फतवे के पीछे कोई साजिश हो। काजमी ने कहा कि पतंजलि की दवाएं विशुद्ध हैं और प्रत्येक रोग में लाभकारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed